ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए PLI स्कीम की घोषणा करेगी सरकार, 57 हजार करोड़ करेगी आवंटित | Govt to announce PLI scheme for automobile sector allocate rs 57000 crore

PLI Scheme: ऑटो सेक्टर के लिए लोकलाइजेशन और इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम करने के लिए सरकार एक बड़ी पीएलआई स्कीम की घोषणा कर रही है.

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  • Updated On – 12:18 pm, Fri, 27 August 21Edited By: संजीत कुमार
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केंद्र सरकार ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव (PLI Scheme) स्कीम की घोषणा करेगी. ऑटो सेक्टर के लिए लोकलाइजेशन और इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम करने के लिए सरकार एक बड़ी पीएलआई स्कीम की घोषणा कर रही है. ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एसीएमए) के 61वें वार्षिक सत्र में बोलते हुए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा, भारी उद्योग विभाग PLI Scheme की घोषणा के अंतिम चरण में है और इस सेक्टर के लिए 57,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया जा सकता है.

उन्होंने कहा, मंत्रालय ने ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री के लिए एक महत्वाकांक्षी निर्यात और रोजगार लक्ष्य निर्धारित किया है और अगले 5 वर्षों में अपने निर्यात को दोगुना करके 30 अरब डॉलर करने और 2025 तक उद्योग में रोजगार को 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख करने के लिए कहा.

क्या है पीएलआई स्कीम

देश-विदेश की तमाम कंपनियों को भारत में सामान बनाने के लिए आकर्षित करने के हिसाब से सरकार ने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम शुरू की है. पीएलआई स्कीम के तहत केंद्र सरकार अगले पांच साल के दौरान भारत में सामान बनाने वाली कंपनियों को 1.46 लाख करोड़ रुपये का प्रोत्साहन देने जा रही है.

घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने और आयात बिल में कटौती करने के लिए केंद्र सरकार ने पीएलआई योजना को शुरू किया है. इसका उद्देश्य घरेलू इकाइयों में निर्मित उत्पाद पर कंपनियों को प्रोत्साहन देना है. सरकार ने ऑटो उद्योग को विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिकल और सेमीकंडक्टर कंपोनेंट के चीनी आयात निर्भरता को स्थानीय बनाने और कम करने के लिए प्रोत्साहित किया.

नीति आयोग के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) अमिताभ कांत ने कहा है कि वाहन क्षेत्र में बदलाव इन्डिस्पेन्सबल है और अब हम इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था की ओर अग्रसर हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे में भारत को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाने के लिए बदलाव लाने का काम व्हीकल को करना है.

कांत ने कहा कि अगले दो साल के दौरान बैटरियों के दाम और नीचे आएंगे. इससे उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिग्रहण की लागत कम होगी. उन्होंने कहा, नीति आयोग में हम वाहन क्षेत्र में इनोवेशन, एफिशिएंसी और निवेश को प्रोत्साहन के लिए सभी उपाय कर रहे हैं. इससे विशेषरूप से उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए शुरुआती लागत कम होगी. मैं इलेक्ट्रिक वाहनों पर इसलिए जोर दे रहा हूं, क्योंकि मेरा मानना है कि यह बदलाव इन्डिस्पेन्सबल है.

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