करियर शुरू होते ही ऋषभ पंत ने खो दिए थे अपने पिता

भारतीय क्रिकेट टीम में एंट्री मिलने के पश्चात् विश्वभर में तेजी से लोकप्रियता प्राप्त करने वाले ऋषभ पंत आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। ऋषभ पंत का जन्म 4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के रुड़की में हुआ था। 1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के विरुद्ध टी20 मैच में माध्यम से अपने इंटरनेशनल करियर का आरम्भ करने वाले पंत ने 18 अगस्त 2018 को इंग्लैंड के विरुद्ध टेस्ट में डेब्यू किया। पंत ने 21 अक्टूबर 2018 को वेस्टइंडीज के विरुद्ध वनडे करियर का आरम्भ किया था। भारतीय टीम में स्टाइलिश क्रिकेटर के रूप में अपनी पहचान बना चुके ऋषभ पंत का एक दौर खतरनाक संघर्ष में गुजरा।

ऋषभ पंत का करियर जब आरम्भ ही हुआ था तो उनके पिता राजेंद्र पंत का देहांत हो गया था। ऋषभ, उस वक़्त IPL 2017 में दिल्ली डेयरडेविल्स (दिल्ली कैपिटल्स) के लिए खेल रहे थे। ऐसे कठिन वक़्त में पंत ने बहुत सूझबूझ से फैसले लिये। घर में मातम पसरा हुआ था तथा दूसरी तरफ उनका करियर भी दांव पर लगा हुआ था। ऐसे में ऋषभ पंत ने टीम से कुछ समय का अवकाश लिया तथा पिता का अंतिम संस्कार करने के पश्चात् वापस टीम के साथ जुड़ गए। पिता के देहांत के पश्चात् टीम में आते ही पंत ने बेहतरीन बल्लेबाजी की तथा केवल 33 गेंदों में तूफानी अर्धशतक जड़ दिया था।

वही ऋषभ पंत केवल 12 वर्ष की आयु में दिल्ली के Sonnet Cricket Academy में ट्रेनिंग लेने के लिए वीकेंड पर अपनी मां के साथ रुड़की से दिल्ली आते थे। इस के चलते वे दिल्ली के मोतीबाग में मौजूद गुरुद्वारे में अपनी रातें गुजारते थे। U-19 वर्ल्ड कप 2016 में ऋषभ पंत ने 6 फरवरी को नामीबिया के विरुद्ध बेहतरीन शतक जड़ा था। इसी दिन पंत को IPL में एक बड़ी सफलता भी प्राप्त हुई। दिल्ली डेयरडेविल्स ने पंत के लिए 1 करोड़ 90 लाख रुपये की बोली लगाई। जिसके पश्चात् पंत ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। IPL में बेहतरीन बल्लेबाजी करने के कारण ही उन्हें भारतीय टीम के लिए खेलने का अवसर प्राप्त हुआ।