क्या आप जानते हैं समुद्र के नीचे बीछे हैं कई मोटे-मोटे तार, जानिए इससे क्या फायदा होता है | Internet Fiber cable Facts which is laid on sea and know how network comes to you phone

Internet Fiber cable Facts: आपके फोन में जो नेटवर्क आता है, वो भले ही किसी तार से कनेक्ट हो, लेकिन ये तारों के जरिए ही आप तक आता है. जानिए ये कैसे काम करता है.

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  • Publish Date – 7:00 am, Sun, 3 October 21Edited By: संजीत कुमार
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आपने समुद्र तो जरूर देखे होंगे. हो सकता है आपने असली में नहीं देखा हो, लेकिन वीडियो, फोटो में तो जरूर देखे होंगे. आपने देखा होगा कि दूर दूर तक सिर्फ पानी ही पानी नज़र आता है. या फिर आपने सुना होगा कि इसमें व्हेल या कई समुद्री जानवर रहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं इन समुद्र के नीचे भी तार का जाल बिछा हुआ है और इन्हीं तारों की वजह से आपके फोन आदि में नेटवर्क आता है. ऐसे में जानते हैं ये कार किस काम के हैं, जो समुद्र के नीचे बिछाए गए हैं.

आपने समुद्र तो जरूर देखे होंगे. हो सकता है आपने असली में नहीं देखा हो, लेकिन वीडियो, फोटो में तो जरूर देखे होंगे. आपने देखा होगा कि दूर दूर तक सिर्फ पानी ही पानी नज़र आता है. या फिर आपने सुना होगा कि इसमें व्हेल या कई समुद्री जानवर रहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं इन समुद्र के नीचे भी तार का जाल बिछा हुआ है और इन्हीं तारों की वजह से आपके फोन आदि में नेटवर्क आता है. ऐसे में जानते हैं ये कार किस काम के हैं, जो समुद्र के नीचे बिछाए गए हैं.

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दरअसल, आपके फोन में आने वाला नेटवर्क समुद्र के नीचे बिछे केबल के जरिए पहुंचता है. समुद्र के इस जाल के जरिए आपको इंटरनेट कनेक्शन, स्पीड और डेटा ट्रांसफर जैसी सुविधाएं मिलती हैं.

दरअसल, आपके फोन में आने वाला नेटवर्क समुद्र के नीचे बिछे केबल के जरिए पहुंचता है. समुद्र के इस जाल के जरिए आपको इंटरनेट कनेक्शन, स्पीड और डेटा ट्रांसफर जैसी सुविधाएं मिलती हैं.

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आपको लगता है कि सब वायरलैस है, लेकिन ऐसा है नहीं. या हम आस-पास बिछी केबल को देखकर सोचते हैं कि इससे नेट आता है, लेकिन वो इस प्रोसेस का एक छोटा सा हिस्सा है. लेकिन नेटवर्क पहुंचाने का बड़ा रोल समुद्र में बिछे केबल का होता है. जो दुनिया को एक दूसरे से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

आपको लगता है कि सब वायरलैस है, लेकिन ऐसा है नहीं. या हम आस-पास बिछी केबल को देखकर सोचते हैं कि इससे नेट आता है, लेकिन वो इस प्रोसेस का एक छोटा सा हिस्सा है. लेकिन नेटवर्क पहुंचाने का बड़ा रोल समुद्र में बिछे केबल का होता है. जो दुनिया को एक दूसरे से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

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समस्याएं समुद्री तूफान के चलते केबल में गड़बड़ी के कारण होती है. या कभ -कभी केबल में वेव के कारण दिक्कतें होती हैं. ये ही वजह है कि इस दौरान आपका इंटरनेट अच्छे से काम नहीं करता है. कई बार समुद्री शार्कों द्वारा इन केबल्स को चबाने के कारण भी ऐसी दिक्कत आती हैं. इसलिए अब केबल्स के ऊपर शार्क-प्रूफ वायर रैपर का इस्तेमाल किया जाता है.

समस्याएं समुद्री तूफान के चलते केबल में गड़बड़ी के कारण होती है. या कभ -कभी केबल में वेव के कारण दिक्कतें होती हैं. ये ही वजह है कि इस दौरान आपका इंटरनेट अच्छे से काम नहीं करता है. कई बार समुद्री शार्कों द्वारा इन केबल्स को चबाने के कारण भी ऐसी दिक्कत आती हैं. इसलिए अब केबल्स के ऊपर शार्क-प्रूफ वायर रैपर का इस्तेमाल किया जाता है.

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एक दिन में लगभग 100- 200 किमी केबल बिछाए जाते हैं. जिसकी चौड़ाई लगभग 17 मिलीमीटर होती है. जो हजारों किमी लंबे होते हैं. जिन्हें ‘केबल लेयर्स’  के जरिए समुद्र की सतह पर बिछाया जाता है. केबल को हाई प्रेशर वाटर जेट तकनीक की मदद से समुद्र की सतह के अंदर गाड़ दिया जाता है. ताकि अन्य समुद्री जीव और सबमरीन को नुकसान ना पहुंचे.

एक दिन में लगभग 100- 200 किमी केबल बिछाए जाते हैं. जिसकी चौड़ाई लगभग 17 मिलीमीटर होती है. जो हजारों किमी लंबे होते हैं. जिन्हें ‘केबल लेयर्स’ के जरिए समुद्र की सतह पर बिछाया जाता है. केबल को हाई प्रेशर वाटर जेट तकनीक की मदद से समुद्र की सतह के अंदर गाड़ दिया जाता है. ताकि अन्य समुद्री जीव और सबमरीन को नुकसान ना पहुंचे.