खालिसपुर हिंसक झड़प मामले में 12 फंसे

  • घटना को अंजाम देने स्कार्पियों गाड़ी व कई बाइक पर सवार होकर काफी संख्या में लोग पहुंचे थे
  • चुनावी रंजिश को जानलेवा हमला का मुख्य कारण बताया
  • पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को पकड़ा
  • 20 हजार रुपये चोरी करने की भी एफआईआर में है चर्चा
  • 02 लाख रुपये का सामान लूटने का लगाया गया है आरोप

परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ:
जिले के मुफस्सिल के खालिसपुर बाजार में रविवार को हिंसक झड़प मामले में बारह नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है। सभी के खिलाफ जानलेवा हमला करने के साथ ही लूटपाट करने का भी आरोप लगाया गया है। इधर पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी में जुट गयी है।इस घटना में पीड़ित सादाब ने पुलिस को बताया है कि रविवार को जब अपने भाई शुफियान अली के साथ 9:30 बजे खालिसपुर बाजार स्थित अपनी जेनरल स्टोर की दुकान पर बैठा था। इसी दौरान एक स्कार्पियों गाड़ी व कई बाइक पर सवार होकर काफी संख्या में लोग वहां पहुंचे। उनमें से कई हथियार से लैश थे। जबतक वह कुछ समझ पाता इसके पहले ही उसपर सभी एकमुश्त होकर जानलेवा हमला कर दिया गया। गुलफाम अली व एकरार अली ने अपने हाथ में लिए रॉड से उसके और उसके भाई के ऊपर वार कर दिया। इसके बाद एक उसके शरीर पर कूद गया। बाद में बीच-बचाव करने आए लोगों को भी उन्होंने नहीं बख्शा। मारपीट करने के बाद उसकी दुकान से करीब दो लाख रुपये का सामान की लूट और करीब बीस हजार रुपये चोरी कर ली। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को ही आरोपित बेलाल और एसरार को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं दूसरी तरफ से भी मारपीट के इस मामले को लेकर थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है।

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चुनाव में हार है झगड़े का मुख्य कारण

सादाब ने बताया है कि रविवार को झगड़े का मुख्य कारण संपन्न पंचायती चुनाव है। इस चुनाव में सादाब की मां बाघड़ा पंचायत के वार्ड नंबर दस के लिए सदस्य की चुनाव जीत गयी जबकि दूसरी उम्मीदरवार नसीमा खातून को चुनाव में शिकस्त मिली। हालांकि जानलेवा हमले के बाद जाते-जाते भी सभी ने जान मारने की धमकी देते गए।

हिंसक झड़प के नामजद आरोपित

कांड के आरोपितों में रिजवान आलम उर्फ झूना, मो. आलम, एकरार अली, गुलफाम अली, अफजल अली उर्फ पिंटू, अली हुसैन, अली शेर उर्फ भोलू, बेलाल उर्फ बन्नू, एसरार अली उर्फ टूटू, जुनाब अली का नाम शामिल है। पीड़ित ने बताया है कि संपन्न पंचायती चुनाव के परिणाम आने के बाद ही इन सभी ने मिलकर धमकी दी थी.

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