दागी चिकित्सक कर रहे आरोपों की जांच

बोकारो : सरकार में बोकारो का स्वास्थ्य विभाग नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। जिसे जो मर्जी वही कर रहा है। ताजा उदाहरण सदर अस्पताल के उपाधीक्षक बने डा. संजय कुमार का है। उन्हें एक निजी अस्पताल की जांच का जिम्मा दिया गया है।

चास प्रखंड के क्षेत्र में चलने वाला निजी संजीवनी अस्पताल पर आरोप है कि एक दिन में डेढ़ सौ आंख के मरीजों ऑपरेशन कर दिया। इस बात की शिकायत जिला परिषद सदस्य विजय रजवार ने किया। शिकायत मिलने पर डा. संजय कुमार और डा. रवि शेखर जांच करने पहुंचे। दोनों ने जांच की और मंगलवार को अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन डा. जितेंद्र कुमार को सौंपेंगे। विदित हो कि डा. संजय कुमार और उनकी पत्नी बोकारो जिले में ही पदस्थापित हैं। गैर आधिकारिक रूप से कहा जाता है कि कोऑपरेटिव कॉलोनी स्थित चेस्ट हॉस्पिटल डॉक्टर संजय का है। बतौर मेडिकल आफिसर उन्होंने सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों को अपने अस्पताल में भेजकर आयुष्मान योजना का भरपूर लाभ उठाया था। इस बात कि की कई शिकायतें राज्य मुख्यालय को हुई थी। जांच के बाद मामले को सलटा दिया गया। ऐसी ही शिकायत कई बार उनके खिलाफ हुई। इसके बावजूद डा. संजय कुमार को राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग में अपने ही अस्पताल में अस्पताल का उपाधीक्षक बना दिया। हद तो यह हुई कि डॉक्टर संजय स्वयं आदेश निकाल कर पूरे जिले के आयुष्मान योजना के नोडल पदाधिकारी बन गए। जबकि उन पर आयुष्मान के मरीज को अपने निजी क्लिनिक में ले जाने का आरोप लग चुका था।

डा. रवि शेखर के सामने बौना है पूरा स्वास्थ्य विभाग : दूसरे जांच पदाधिकारी डा. रवि शेखर पर पूर्ववर्ती सरकार के समय में बोकारो विधायक बिरंची नारायण ने आरोप जड़ा था। इसके बाद तत्कालीन उपायुक्त प्राथमिकी दर्ज कराया। तब के स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें निलंबित किया। इसके बाद क्या हुआ बोकारो की जनता को मालूम नहीं। मुकदमा समाप्त कैसे हुआ? डा. रवि शेखर मुकदमे से बरी होकर जहां से निलंबित हुए वहीं पदस्थापित हो गए। इससे यह बात पक्का है कि पूरे झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग का सिस्टम डा. शेखर के सामने झुका हुआ है। वे भी कथित तौर पर निजी अस्पताल का संचालन करते हैं और दूसरे निजी अस्पताल की जांच दल के सदस्य हैं। वर्जन : अभी जांच पूरी नहीं हुई है। विजय रजवार ने मामले की शिकायत की है। कल फिर से जांच करेंगे इसके बाद रिपोर्ट सिविल सर्जन को देंगे। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। सिविल सर्जन ने उन्हें संपूर्ण जिले के लिए आयुष्मान का नोडल अधिकारी बनाया है।

डा. संजय कुमार, उपाधीक्षक बोकारो सदर अस्पताल

Edited By: Jagran