फैक्ट चेक: पीएम मोदी के विरोध का नहीं, न्यूयॉर्क में किसानों के समर्थन में हुए प्रदर्शन का है ये वीडियो – fact check This video is of demonstration in support of farmers in New York not against PM Modi NTC

विरोध-प्रदर्शन के एक वीडियो को पीएम नरेंद्र मोदी के हालिया अमेरिका दौरे से जोड़कर शेयर किया जा रहा है. वीडियो में कुछ लोग सड़क पर खड़े होकर झंडे लहराते दिख रहे हैं. इस वीडियो में दो स्लोगन लिखे हैं. पहला, ‘मोदी मुर्दाबाद, यूएस टूर जुमलाजीवी दा’. दूसरा, ‘जित्थे मोदी, उत्थे अमेरिका वाले पंजाबी रेडी’. ऐसा कहा जा रहा है कि हाल ही में जब पीएम मोदी अमेरिका दौरे पर गए थे, तो वहां उनका स्वागत कुछ इस अंदाज में किया गया था.
 
इस वीडियो को शेयर करते हुए एक फेसबुक यूजर ने लिखा, “अमेरिका में किसान मोदी के स्वागत को तैयार”.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अगस्त 2021 में आयोजित इंडिया डे परेड के मौके पर न्यूयॉर्क में हुए विरोध-प्रदर्शन का है. इस प्रदर्शन के जरिये भारत में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन किया गया था.

हमारी पड़ताल

हमने देखा कि इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देने वाले कुछ लोगों ने कमेंट में लिखा है कि ये पुराना है. कीवर्ड सर्च के जरिये हमें ‘पीटीसी न्यूज यूएसए’  का 11 अगस्त 2021 को पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला जो वायरल वीडियो से काफी मिलता-जुलता है. इस वीडियो में दी गई जानकारी के मुताबिक, न्यूयॉर्क के हिक्सविल इलाके में इंडिया डे परेड का आयोजन हुआ था. इस परेड के जरिये अमेरिका में रहने वाले इंडियन कम्यूनिटी के लोग हर साल भारत की आजादी का जश्न मनाते हैं. इस साल इस परेड में भारत में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में विरोध-प्रर्दशन भी किया गया था.

इंडिया डे परेड में हुए इस विरोध-प्रदर्शन पर कई न्यूज रिपोर्ट भी छपी थीं. वायरल वीडियो में दिख रहे कई लोग हमें ‘पीटीसी न्यूज यूएसए’ के वीडियो में भी दिखे. उनके कपड़े और स्टाइल वायरल वीडियो से हूबहू मेल खाते हुए हैं.

वायरल वीडियो में एक जगह ‘la finca restaurant and bar’ का बोर्ड दिखता है. साथ ही, एक अन्य बोर्ड पर कुछ अधूरे शब्द ‘OWN OF VILLE ATHELE’ लिखे हुए दिखते हैं. हमें गूगल मैप पर हिक्सविल में स्थित ‘ला फिन्का रेस्टोरेंट एंड बार’ मिल गया. इस रेस्टोरेंट की कुछ तस्वीरों में पीछे ‘टाउन ऑफ ऑयस्टर बे हिक्सविले एथलेटिक सेंटर’ लिखा दिख रहा है. जाहिर है, वायरल वीडियो की एक इमारत पर जो अधूरे शब्द दिख रहे थे, वो यही हैं. गूगल मैप्स पर हमें इस इमारत की भी तस्वीर मिल गई जो वायरल वीडियो में दिख रही इमारत से एकदम मिलती है.

ये बात सच है कि पीएम मोदी जब हाल ही में अमेरिका गए थे, तो संयुक्त राष्ट्र महासभा कार्यालय के बाहर उनके खिलाफ कई अलग-अलग समूहों ने विरोध-प्रदर्शन किया था. उनमें से विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो यहां देखा जा सकता है.

लेकिन ये बात तय है कि वायरल हो रहा वीडियो करीब एक महीने पुराना है जिसे पीएम मोदी के हालिया अमेरिका दौरे से जोड़कर पेश किया जा रहा है.