बड़ी खबर : एमएलए पंकज सिंह ने विधानसभा में उठाया स्पोर्ट्स सिटी का मुद्दा, लोगों ने दिया धन्यवाद 

एमएलए पंकज सिंह ने विधानसभा में उठाया स्पोर्ट्स सिटी का मुद्दा, लोगों ने दिया धन्यवाद 

Google Image | विधायक पंकज सिंह


एमएलए पंकज सिंह ने विधानसभा में उठाया स्पोर्ट्स सिटी का मुद्दा, लोगों ने दिया धन्यवाद 

Noida News: नोएडा के विधायक पंकज सिंह (MLA Pankaj Singh) ने आखिरी विधानसभा सत्र में शहर में विकास कार्यों से जुड़े और खरीदारों की समस्याओं से संबंधित 21 प्रोजेक्ट को विधानसभा ने पेश किया था। विधानसभा की 19 अगस्त की कार्यसूची में इन सभी की जानकारी दी गई थी। इसमें सेक्टर-79 में स्पोर्ट्स सिटी का मामला भी उठाया गया था। विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद स्पोर्ट्स सिटी के खरीदारों की आस बढ़ी है। उनका कहना है कि विधायक पंकज सिंह के प्रयासों से इस साल ये मुद्दे सुलझ सकते हैं। नोएडा के 7x सोसाइटी और टीम-20 ने इस प्रयास के लिए उनका धन्यवाद जताया है।

इस पर बोलते हुए नोएडा के विधायक पंकज सिंह ने कहा, शहर के लोगों की समस्याएं सदन में उठाना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं नोएडा के लोगों के विकास के लिए समर्पित हूं। शहर के हर क्षेत्र के लोगों को सुविधाएं मिलनी चाहिए। जब भी मौका मिलता है, मैं जिले के लोगों की समस्याएं उठाता हूं। मैंने शासन में नोएडा गांव के आसपास बनी अविकसित कॉलोनियों में विकास कार्य कराने की मांग की है। जल्द ही राज्य सरकार इस पर फैसला लेगी और यहां विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। पार्टी सभी के विकास को समर्पित है।

टीम-20 ने दिया धन्यवाद

टीम-20 ने भी विधायक पंकज सिंह का आभार जताया है। टीम के सदस्य सचिन गोयल ने बताया, 19 अगस्त की कार्यसूची में स्पोर्ट्स सिटी के खरीदारों की समस्याएं उठाई गई थीं। हम समस्त 7X परिवार और टीम-20 की तरफ़ से अपने विधायक पंकज का धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने स्पोर्ट्स सिटी के मुद्दे को संज्ञान में लेते हुए विधानसभा की याचिका के माध्यम से शासन तक इस बात को पहुंचाया। 

ये था प्रोजेक्ट

बताते चलें कि साल 2011 में नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-79 को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। इसमें 70 पर्सेंट भूमि पर खेल सुविधाएं और 30 परसेंट पर आवास निर्माण का प्रावधान किया था। इसके बाद सेक्टर के बिल्डरों ने प्रीमियम रेट पर करीब 15000 घर बेचे। खरीदार पिछले कई सालों से रह रहे हैं। लेकिन अब तक स्पोर्ट्स सिटी का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। न ही रजिस्ट्री हो रही है।

एसीईओ के नेतृत्व में कमेटी बनाई

इससे निपटने के लिए इसी साल नोएडा प्राधिकरण ने एक समिति का गठन एसीईओ के नेतृत्व में किया था। इस कमेटी को स्पोर्ट्स सिटी की समस्याओं के हल ढूंढने के लिए कहा गया। लेकिन महीनों बीत गए और कमेटी ने कोई मार्ग नहीं सुझाया। हालांकि प्राधिकरण का कहना है कि रिपोर्ट शासन को लखनऊ भेज दी गई है। अब राज्य सरकार इस पर निर्णय लेगी। लेकिन अथॉरिटी और बिल्डर्स के इस टालमटोल वाले रवैये से निवासी दुखी हैं।

10 साल बाद तक नहीं मिलीं सुविधाएं

उनका कहना है कि जीवन भर की जमा पूंजी बिल्डरों तथा स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क सरकार को दे दिया। लेकिन अब अपने ही घर में किराएदार बन गए हैं। स्पोर्ट्स सिटी के नाम पर बिल्डरों ने खूब उगाही की। लेकिन 10 साल बीतने के बावजूद अब तक कोई सुविधा नहीं मिली है। नोएडा अथॉरिटी और बिल्डरों की कारगुजारी निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद निवासियों को कुछ नहीं मिला है।