बवाल, हिसा, आगजनी से स्थित तनावपूर्ण

निघासन: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के तिकुनिया बनवीरपुर कार्यक्रम से पहले ही आंदोलनकारी किसान उग्र हो गए है। तिकुनिया कस्बे में दो गाड़ियों में आग लगा दी गई। आगजनी की घटना के बाद मौके पर तनाव के हालात बने हैं। मौके पर डीएम-एसपी सहित भारी पुलिस बल तैनात किया है। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कार्यक्रम था। उससे पहले ही किसानों और भाजपाइयों के बीच बवाल हो गया।

डिप्टी सीएम को काले झंडे दिखाने के उद्देश्य से किसान इकठ्ठे हुए थे। उसी दौरान वाहन से किसानों को रौंदने की घटना हुई। इससे किसान उग्र हो गए और भाजपा की दो गाड़ियों में आग लगा दी। मौके पर डीएम एसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद है। मौके पर कमिश्नर व आईजी भी पहुंच गए हैं और स्थिति को संभालने की कोशिश में लगे हैं। वहीं दूसरी ओर तिकुनिया के हालात को देखते हुए शासन ने तीन कंपनी पीएसी मौके पर भेजने का निर्देश दिया है।

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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर घटना को बताया निदनीय लखीमपुर: तिकुनिया में गाड़ी चढÞाने से दो किसानों की हुई मौत के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि कृषि कानून को लेकर शांति पूर्ण तरीके से विरोध कर रहे किसानों को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र द्वारा गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय व क्रूर कृत्य है। उत्तर प्रदेश में भाजपाइयों का जुल्म अब नहीं सहेगा। यही हाल रहा तो उत्तर प्रदेश में भाजपाई न गाड़ी से चल पाएंगे, न उतर पाएंगे। दरअसल रविवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पैतृक निवास बनवीरपुर में कुश्ती के कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का आगमन था। जिसको लेकर किसान कृषि कानूनों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकत्र हुए थे। दूर-दराज से भी काफी किसान पहुंचे थे। इसी बीच वहां पर मंत्री के पुत्र द्वारा किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का मामला सामने आया है। देखते-देखते मामला आग की तरह फैल गया। जिसपर पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर इस घटना को निदनीय बताया। कुछ दिन पूर्व संपूर्णानगर में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने आंदोलनकारी किसानों को मुट्ठी भर किसान बताते हुए कहा था कि सुधर जाएं नहीं तो जिले क्या पूरे उत्तर प्रदेश में कहीं जगह नहीं मिलेगी। किसान मंत्री के इस बयान से काफी आक्रोशित थे। इसी को लेकर दूर-दराज से किसान उनके पैतृक निवास बनवीरपुर में ही काले झंडे दिखाने को लेकर एकत्र हुए थे।

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Edited By: Jagran