भारतीय महिला फुटबॉलरों को स्वदेश में एशियाई कप, अंडर-17 विश्व कप के साथ लोकप्रिय होने की उम्मीद – indian women footballers hope to become popular with asian cup under-17 world cup at home

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर (भाषा) रितु रानी के नाम से इस समय लोग अधिक वाकिफ नहीं हैं लेकिन सीनियर भारतीय महिला फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली उनकी जैसी कई अन्य खिलाड़ियों को उम्मीद है कि अगले साल होने वाले एएफसी एशियाई कप के साथ वे सुर्खियां बटोरेंगी।

रितु और करिश्मा शिरवोइकर का मानना है कि अगले साल फीफा अंडर-17 विश्व कप और एशियाई कप की मेजबानी से देश में महिला फुटबॉल के परिदृश्य में बदलाव आएगा तथा इससे और अधिक लड़कियां इस खेल को करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित होंगी।

ये दोनों खिलाड़ी एशियाई कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने को तैयार हैं।

करिश्मा ने पीटीआई से कहा, ‘‘निश्चित तौर पर इससे पूरे देश में महिला फुटबॉल में बदलाव आएगा और लड़कियां इसे करियर के विकल्प के रूप में लेंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दोनों टूर्नामेंट में शीर्ष स्तर की महिला फुटबॉल देखने को मिलेगी और लोग महिला फुटबॉल का समर्थन करने के लिए प्रेरित होंगे। यह अच्छा मौका है।’’

भारत इन दोनों बड़े टूर्नामेंटों की मेजबानी 2022 में करेगा जिसमें महाद्वीपीय प्रतियोगिता साल की शुरुआत में होगी।

रितु और करिश्मा दोनों को महाद्वीपीय टूर्नामेंट में सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलने की उम्मीद है।

करिश्मा यूएई और बहरीन में मैत्री मैच खेलने गई टीम का हिस्सा नहीं हैं लेकिन यह स्ट्राइकर टीम में वापसी के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही है।

मिडफील्डर रितु टीम को मिल रहे मौके और उसकी तैयारी से संतुष्ट हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अनुभव दौरों और शिविर के साथ एएफसी टूर्नामेंट की तैयारी हो रही है। टीम के साथी और कोचिंग स्टाफ अच्छा समर्थन कर रहे हैं और मेरा लक्ष्य एएफसी एशियाई कप में अच्छा प्रदर्शन करना है।’’

देश में महिला फुटबॉल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद पर उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई कप और विश्व कप की मेजबानी से महिला फुटबॉल को काफी बढ़ावा मिलेगा। इससे लड़कियां कम उम्र में खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगी और फुटबॉल खेलकर शीर्ष स्तर पर करियर बनाएंगी। ’’