Bhopal Art and Culture Bharati Vandana by Dr Devendra Pathak and companions and composed by Bundeli poets

Publish Date: | Sat, 25 Sep 2021 08:31 AM (IST)

Bhopal Art and Culture: भोपाल (नवदुनिया रिपोर्टर) । गमक श्रृंखला के अंतर्गत आज साहित्य अकादमी की ओर से साहित्यिक सांगीतिक प्रस्तुति में डॉ. देवेंद्र पाठक और साथी द्वारा भारती वंदना एवं बुंदेली कवियों द्वारा रचना पाठ की प्रस्तुति दी गई। जिसमें हरपालपुर के कवि डॉ. अवध किशोर जड़िया, दमोह की कवयित्री डॉ प्रेमलता नीलम, टीकमगढ़ के कवि सत्यनारायण तिवारी, सागर के कवि संतोष श्रीवास्तव, बड़ा मलहरा के कवि मनोज तिवारी द्वारा रचना पाठ किया गया।

प्रस्तुति की शुरुआत में डॉ. देवेंद्र पाठक और साथी ने भारती वंदना से की। कलाकारों ने क्रांति की मशाल से मशाल को…, उठो जवान देश की वसुंधरा पुकारती…, विश्व में गूंजे हमारी भारती…, भारत वंदे मातरम्ा जय भारत वंदे मातरम्ा…, भारत मां की संताने हम…, भारती वंदना की प्रस्तुति दी। मंच पर गायन में डॉ. देवेंद्र पाठक, हारमोनियम पर जितेंद्र शर्मा, तबला पर शशांक मिश्रा, बांसुरी पर विद्याधर आमटे , वायलिन पर राजेंद्र व्यास ने संगत की। दूसरी प्रस्तुति बुंदेली रचना पाठ की दी गई, जिसमें दमोह की कवयित्री डॉ. प्रेमलता नीलम ने हंसन तुमाई जादू कर गयी, मनंई -मनंई मन हर गयी…, सागर के कवि संतोष श्रीवास्तव ने सूरज सी आंखन खां ठग रई, नोंनीं आज जुंदईया लग रई…, रचनाएं पढ़ीं। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए टीकमगढ़ के कवि सत्यनारायण तिवारी ने सुनाया कि जब लौं सूरज चांद रहै गंगा जमना में पानी, अमर रहै बलिदान तुमारौ झांसी वारी रानी…, हरपालपुर के कवि डॉ. अवध किशोर जड़िया ने हम कवि बुंदेली वानी के, झांसी की रानी के, छत्रसाल धरती के हीरा , पन्नाा के पानी के… एवं अंत में मनोज कुमार तिवारी ने याद तुमायी आई मां, आंखियां भर-भर आयी मां… रचनाओं की प्रस्तुति दी।

गमक में आज: गमक श्रृंखला के अंतर्गत शनिवार को शाम सात बजे मराठी साहित्य अकादमी की ओर से मातृभूमि-वंदना में कल्याणी एवं वैदेही फगरे द्वारा नृत्य प्रस्तुति दी जाएगी। प्रस्तुति का प्रसारण विभाग के यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर लाइव किया जाएगा।

Posted By: Lalit Katariya

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