Bilaspur Political News City MLA Pandeys government finally remembered

Publish Date: | Mon, 04 Oct 2021 01:20 PM (IST)

बिलासपुर। Bilaspur Political News: बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शैलेष पांडेय की आखिरकार राज्य सरकार को याद आ ही गई। 28 अक्टूबर से प्रदेश की राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव का आयोजन होना है। आयोजन में देशभर के आदिवासी नेतृत्व शिरकत करेंगे। राज्य सरकार ने महोत्सव को प्रभावी बनाने के लिए देशभर के सभी राज्यों के साथ ही केंद्र शासित प्रदेशों में राजनीति व सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय राजनेताओं व सामाजिक नेताओं को न्यौता देकर महोत्सव में शामिल होने आग्रह करेंगे। बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शैलेष पांडेय व तखतपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक व संसदीय सचिव रश्मि सिंह को न्यौता देने वाले विधायकों की सूची में राज्य सरकार ने शामिल किया है।

शहर विधायक पांडेय को मेजबान विधायकों की सूची में शामिल करने को लेकर कांग्रेस के दिग्गजों से लेकर संगठन से जुड़े पदाधिकारी भी अचरज भरी नजरोें से देख रहे हैं। सिम्स की घटना और पीसीसी के सचिव पंकज सिंह के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में एफआइआर दर्ज होने के बाद शहर की राजनीति में जिस तरह से सरगर्मी देखी गई और विरोध के स्वर उठे उसे लेकर एक बार फिर विवाद की स्थिति बनी। शहर विधायक ने सीधेतौर पर गुट विशेष पर निशाना साधा और आरोप भी मढ़े। स्थानीय संगठन में इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई। शहर कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद नायक ने आनन फानन में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई और अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए विधायक के खिलाफ निष्कासिन की सिफारिश कर दी।

स्थानीय संगठन की इस कार्रवाई के बाद माना जा रहा था कि सत्ता व संगठन में विधायक का रुतबा घट जाएगा। आदिवासी महोत्सव में देश के अन्य राज्यों में न्यौता देने जाने वाले मेजबान विधायकों की सूची में शहर विधायक के नाम को शामिल करने के बाद तेजी के साथ बदलते प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार को आखिरकार शहर विधायक की याद आ ही गई। विधायक पांडेय चंडीगढ़ जाएंगे व राज्य सरकार से मिलकर महोत्सव में शिरकत करने के लिए प्रतिनिधि मंडल भेजने का आग्रह करेंगे।

आदिवासियों की एकजुटता की कोशिश

प्रदेश की राजधानी में चार दिनों तक चलने वाले राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों के आदिवासी दिग्गजों की एकजुटता की रणनीति सत्ताधारी दल के दिग्गजों ने बनाई है। चार दिनों के महोत्सव में प्रदेश के दिग्गज आदिवासी नेताओं के अलावा सामाजिक नेताओं को साधने की कोशिश भी होगी।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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