Change In The Social Environment In The Market – बाजार व सार्वजनिक स्थानों में लग रहा मजमा, ना मास्क, ना ही सोशल डिस्टेंस

ना ग्राहक, ना ही दुकानदार कर रहे गाईड लाईन का पालन

मंडला . विगत वर्ष और इस वर्ष लॉकडाउन और कोरोना गाईड लाईन का पालन करते हुए आमजन अब उब गए है। कई महिनों तक कैद में रहने के बाद लोगों को आजादी मिली है। जिसके कारण लोगों को अब इस महामारी से भय नहीं लग रहा है। शासन, प्रशासन द्वारा दिशा, निर्देश और गाईड लाईन जारी की गई है। लेकिन इन नियमों का पालन कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। कोरोना संक्रमण में कमी तो आई है लेकिन कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए इस संक्रमण से बचाव करने के उपाए भी करने की हिदायत दी जा रही है। आमजनों को वैक्सीन की दोनो डोज लगवाने की समझाईश लगातार दे रहे है। लेकिन कुछ भ्रांतियों के चलते कुछ लोग वैक्सीन लगवाने से कतरा भी रहे है। वहीं बाजार समेत अन्य स्थलों पर मास्क और सोशल डिस्टेंस का पालन भी नहीं किया जा रहा है। इन लापरवाह लोगों को इस कोरोना वायरस का डर नहीं है। जिसके कारण संक्रमण फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
जानकारी अनुसार अनलॉक के बाद गाईड लाईन का पालन करते हुए सभी प्रतिष्ठान, दुकानें और बाजार खुल गए है। लेकिन कुछ एक को छोड़कर शासन की जारी गाईड लाईन का पालन नहीं किया जा रहा है। जिले में फिलहाल एक भी एक्टिव केस नहीं है। जिसके कारण अब लोगों में इस संक्रमण के प्रति भय समाप्त हो गया है। बावजूद इसके संक्रमण से बचने के उपाए को लेकर लोग सावधानी बरतने में लापरवाही बरत रहे है।
बता दे कि जिले की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ गई है, लेकिन शासन प्रशासन द्वारा दी गई छूट और गाईड लाईन के पालन में लापरवाही बरती जा रही है। जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। लोग नियम, निर्देशों का पालन नहीं कर रहे है। शहरी क्षेत्र समेत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रतिष्ठान, दुकानें सुचारू रूप से संचालित हो रही है लेकिन दो गज की दूरी, मास्क का उपयोग नहीं किया जा रहा है। अब लोगों की पहले की भांति दिनचर्या शुरू हो गई है। आमजनों में कोरोना वायरस संक्रमण का डर नहीं देखा जा रहा है। बेपरवाह लोग बाजारों में बिना सोशल डिस्टेंस और मास्क के आ रहे है। शहर में कोरोना से पहले जैसी रौनक आ गई है।
कलेक्टर ने दिए थे कार्रवाई के आदेश :
बता दे कि विगत दिवस कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कोविड 19 के संबंध में शासन द्वारा जारी प्रोटोकाल का सख्ती का पालन कराए जाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने निर्देश ेमें कहां था कि मॉस्क न लगाने वाले और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले व्यक्तियों पर चालानी कार्यवाही करें। सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली भीड़ को रोकने कारगर कदम उठायें। उन्होंने कहा कि मॉस्क नहीं लगाने वाले और दुकानों में भीड एकत्र करने वाले व्यापारियों पर भी सख्त कार्यवाही करें। व्यापारियों को समझाईश दें कि वे बगैर मॉस्क लगाये व्यक्ति को किसी भी प्रकार की सामग्री का प्रदाय न करें। लेकिन इन निर्देशों का जिले में कहीं भी पालन नहीं किया जा रहा है और ना ही संबंधित अधिकारी, कर्मचारी द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
नहीं कर रहे नियमों का पालन:
फिलहाल जिले में एक भी एक्टिव केस नहीं है, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर का अंदेशा बना हुआ है। इससे बचाव के लिये सभी को आगे आना होगा, जागरूक होना होगा और सावधानी, सतर्कता बरतनी होगी। लेकिन जिला मुख्यालय में ही प्रशासन की अनदेखी के चलते व्यापारी, दुकानदार और आने वाले खरीददार दिशा निर्देशों की अवहेलना कर रहे है। जिले में पॉजीटिव केस नहीं होने के कारण दुकानदार समेत खरीदी करने आने वाले लोग सर्तकता नहीं बरत रहे है। इससे बचने के उपाय नहीं किये जा रहे है। जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। यहां प्रशासन ने निर्देश दिये है कि सोशल डिस्टेंस, मास्क लगाकर ही क्रय, विक्रय करे, लेकिन शहर के कुछ एक दुकानदार ही इस नियम का पालन करते दिखाई दे रहे है।

बाजारों की भीड़भाड़, त्योहारों की रौनक और बिना मास्क के निडर होकर घूमते लोगों को देखकर लगता ही नहीं कि हम कुछ महीने पहले ही कोरोना संक्रमण की दूसरी भयानक लहर दवाई, ऑक्सीजन आदि की कमी से अपनों को खोने से कोई सबक सीखे हैं। हमारी यह लापरवाही वक्त के पहले तीसरी लहर को आमंत्रित कर रही है।
विजय ठाकुर, सचिव, ग्राम पंचायत सर्रा पिपरिया

जिस तरह डॉक्टर और वैज्ञानिक कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जता रहे हैं। ऐसे में लोगों को और अधिक सावधान रहने की जरूरत है, लेकिन जिस हिसाब से तीज त्योहार और बाजारों में बिना मास्क के भीड़ देखने को मिल रही है। उसका परिणाम आने वाले समय में भयानक संक्रमण के रूप में देखने को मिल सकता है।
नितिन श्रीवास्तव, रेडियो ग्राफर, स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी बंजर

जैसे-जैसे सरकार द्वारा बाजारों को पूरी तरह खोलने, स्कूलों को खोलने के आदेश जारी किया जा रहा है, वैसे-वैसे लगता है लोगों में कोरोना का डर खत्म हो गया है। शासन प्रशासन द्वारा अभी भी लगातार मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंस का पालन करने का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, लेकिन बाजारों में 80 प्रतिशत लोगों के चेहरे से मास्क गायब हो गए हैं और सोशल डिस्टेंस को तो जैसे भूल ही गए हैं। इससे तीसरी लहर के वक्त से पहले आने का अंदेशा बढ़ गया है।
संजीव सोनी, जिलाध्यक्ष अपाक्स प्रांतीय प्रवक्ता ट्वेटा

अनलॉक होने के बाद बाजारों और सार्वजनिक स्थलों में लोग बिना सुरक्षा के एकत्र हो रहे है। आमजन बिना मास्क के निडर होकर घूमते नजर आ रहे है। वहीं लोग कुछ दिवस पहले की स्थिति को याद नहीं कर रहे है कि पूरा देश कोरोना जैसी महामारी से निपटने जतन कर रहा था, इस महामारी को अनदेखा कर लोग शासन द्वारा जारी गाईड लाईन का पालन नहीं कर रहे है। जिससे तीसरी लहर का भी अंदेशा बना हुआ है।
नितिन ठाकुर, संचालक जेड टू जेड कम्प्यूटर सेंटर