Cultural – पोषण व स्वास्थ्य शिक्षा पर एक दिवसीय चिकित्सा शिविर

आरएस पुरा में किट वितरित करतीं परियोजना अधिकारी।

ख़बर सुनें

आरएस पुरा। बाल विकास परियोजना पोषण के तहत स्वास्थ्य शिक्षा पर वीरवार को नारी निकेतन में चिकित्सा शिविर लगाया गया। परियोजना अधिकारी अतीक्षा सेठी की देखरेख में आयोजित शिविर में नारी निकेतन के पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ. कनिका भी मौजूद रहीं।
शिविर का उद्देश्य एनीमिया के प्रभावों और इसके इलाज के बारे में जागरूकता प्रदान करना रहा। डॉ. कनिका ने पोषाहार और गैर-पोषक तत्वों पर जोर दिया। विभिन्न आयु समूहों में एनीमिया के लिए जिम्मेदार और इससे कैसे दूर रहें, यह भी बताया। बाद में उन्होंने आयरन और फोलिक की खुराक के बारे में बताया। परियोजना अधिकारी ने पोषण अभियान पर जोर दिया। लोगों की भागीदारी से कुपोषित पर चर्चा की। समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही पीएमएमवीवाई, लाडली बेटी जैसी योजनाएं से से इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है। सामाजिक दूरी के साथ लगाए स्टालों को प्रदर्शित और रंगारंग समारोह के दौरान रंगोली का प्रमुख आकर्षण रहा। अंत में हाइजीनिक किट और आयरन की गोलियां वितरित की गई।
बच्चों व गर्भवती को पौष्टिक आहार जरूरी
बिश्नाह। पोषण आहार जागरूकता वीरवार को समाप्त हो गया। इस मौके पर आशा वर्करों ने नुक्कड़ नाटक के जरिये सब्जियों के स्टाल लगाकर पौष्टिक आहार की जानकारी दी।
शिविर की अगुवाई उप निदेशक टीना महाजन, सीडीपीओ राशिद दत्ता ने की। डीडीसी सदस्य धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि बच्चों, गर्भवती के लिए पौष्टिक आहार इतना जरूरी है जिससे दोनों का पालन-पोषण अच्छी तरह से हो सके। ताकि वह तंदुरुस्त होकर स्वस्थ जीवन जी सकेंगे। स्वास्थ्य जीवन ही सफल जीवन है। इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलाए जा रहे पोषन आहार माह के तहत लोगों को जागृत किया जा रहा है। इसके अलावा लोगों की बातें, समस्याएं सुनी गईं। संवाद

आरएस पुरा। बाल विकास परियोजना पोषण के तहत स्वास्थ्य शिक्षा पर वीरवार को नारी निकेतन में चिकित्सा शिविर लगाया गया। परियोजना अधिकारी अतीक्षा सेठी की देखरेख में आयोजित शिविर में नारी निकेतन के पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ. कनिका भी मौजूद रहीं।

शिविर का उद्देश्य एनीमिया के प्रभावों और इसके इलाज के बारे में जागरूकता प्रदान करना रहा। डॉ. कनिका ने पोषाहार और गैर-पोषक तत्वों पर जोर दिया। विभिन्न आयु समूहों में एनीमिया के लिए जिम्मेदार और इससे कैसे दूर रहें, यह भी बताया। बाद में उन्होंने आयरन और फोलिक की खुराक के बारे में बताया। परियोजना अधिकारी ने पोषण अभियान पर जोर दिया। लोगों की भागीदारी से कुपोषित पर चर्चा की। समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही पीएमएमवीवाई, लाडली बेटी जैसी योजनाएं से से इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है। सामाजिक दूरी के साथ लगाए स्टालों को प्रदर्शित और रंगारंग समारोह के दौरान रंगोली का प्रमुख आकर्षण रहा। अंत में हाइजीनिक किट और आयरन की गोलियां वितरित की गई।

बच्चों व गर्भवती को पौष्टिक आहार जरूरी

बिश्नाह। पोषण आहार जागरूकता वीरवार को समाप्त हो गया। इस मौके पर आशा वर्करों ने नुक्कड़ नाटक के जरिये सब्जियों के स्टाल लगाकर पौष्टिक आहार की जानकारी दी।

शिविर की अगुवाई उप निदेशक टीना महाजन, सीडीपीओ राशिद दत्ता ने की। डीडीसी सदस्य धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि बच्चों, गर्भवती के लिए पौष्टिक आहार इतना जरूरी है जिससे दोनों का पालन-पोषण अच्छी तरह से हो सके। ताकि वह तंदुरुस्त होकर स्वस्थ जीवन जी सकेंगे। स्वास्थ्य जीवन ही सफल जीवन है। इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलाए जा रहे पोषन आहार माह के तहत लोगों को जागृत किया जा रहा है। इसके अलावा लोगों की बातें, समस्याएं सुनी गईं। संवाद