Eight killed in Lakhimpur Kheri violence Yogi government instructed to stop jio airtel BSNL internet services

लखीमपुर खीरी में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान रविवार को हुए बवाल में अब तक आठ लोगों की मौत हो गई है। दो एसयूवी से प्रदर्शनकारियों के कुचले जाने के बाद नाराज किसानों ने उन गाड़ियों में आग लगा दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के चार-चार लोगों की मौत हुई है। गाड़ी से कुचल कर चार किसान मरे, जबकि गाड़ी में सवार चार लोगों को प्रदर्शनकारियों ने पीट-पीटकर मार डाला।। इस बीच, योगी सरकार ने लखीमपुर खीर में इंटरनेट सेवा बंद करने के आदेश दिए हैं। 

लखीमपुर-खीरी के तिकोनिया-बनबीरपुर मार्ग पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कृषि कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक समूह से दो एसयूवी के कथित रूप से टकरा जाने के बाद हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों को कुचले जाने की घटना से नाराज लोगों ने दो गाड़ियों को जबरन रोककर उनमें आग लगा दी। उन्होंने कुछ यात्रियों की भी पिटाई की है। यूपी पुलिस मुख्यालय ने बवाल में 8 मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी चार किसानों के अलावा उस जीप में सवार चार लोगों की भी मौत हो गई है, जिससे प्रदर्शनकारी कुचले गए थे।

किसान उप मुख्यमंत्री के बनबीरपुर दौरे का विरोध कर रहे थे जो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और खीरी से सांसद अजय कुमार मिश्रा का पैतृक गांव है। इस घटना में कुछ पत्रकारों के भी घायल होने की खबर है। इस बीच हिंसा के मद्देनजर मौर्य का बनबीरपुर गांव का दौरा रद्द कर दिया गया है। 

अजय मिश्रा बोले- घटना में उनके बेटे का दोष नहीं

इस बीच, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने एक चैनल से कहा कि कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अगवानी के लिए कुछ कार्यकर्ता जा रहे थे। उन्होंने बताया कि रास्ते में तिकुनिया में धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कार्यकर्ताओं की गाड़ी पर पथराव कर दिया जिससे वह गाड़ी पलट गई। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि लखीमपुर खीरी में ‘किसानों के प्रदर्शन में शामिल कुछ तत्वों’ की पिटाई में भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं और एक ड्राइवर की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की कार पर पथराव किया गया जिससे वह पलट गई, जिसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट पीट कर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि इस घटना में उनके बेटे की कोई संलिप्तता नहीं है।गृह राज्य मंत्री ने दावा किया, “कार्यकर्ताओं ने नहीं बल्कि किसानों ने कार्यकर्ताओं पर हमला किया। वहां किसानों के रूप में कुछ अराजक तत्व भी शामिल थे। उन्होंने ही घटना को अंजाम दिया है। इस मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच होगी।

विपक्षियों ने साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “कृषि कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों को भाजपा सरकार के गृह राज्य मंत्री के पुत्र द्वारा गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय क्रूर कृत्य है। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की । उन्होंने ट्वीट किया, ”लखीमपुरी खीरी में भाजपाइयों द्वारा गाड़ी से रौंदे जाने की घटना में गंभीर रूप से घायल किसान नेता तेजिन्दर सिंह विर्क जी से अभी थोड़ी बात हो पाई, उनकी अति गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराए। ”अखिलेश ने आगे लिखा, ”बस एक मांग, मुख्यमंत्री इस्तीफा दें।”
राहुल गांधी, बसपा अध्यक्ष और राज्य की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती, भारतीय किसान यूनियन, राष्‍ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी आदि ने भी ट्वीट कर विरोध जताया। 

लखीमपुर जाएंगे कई नेता 

विपक्षी दलों ने लखीमपुर जाने के लिए अपनी घोषणा कर दी है। समाजवादी पार्टी के अनुसार सपा प्रमुख अखिलेश यादव सोमवार को लखीमपुर खीरी जाएंगे, जबकि कांग्रेस महासचिव और उत्‍तर प्रदेश मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा के भी सोमवार को वहां जाने की खबर है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने बताया कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा सोमवार सुबह लखीमपुर खीरी जाएंगी और पीड़ित किसानों से मुलाकात करेंगी। प्रियंका देर रात लखनऊ पहुंच चुकीथीं।

कृषि कानूनों के खिलाफ देश भर में किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि लखीमपुर खीरी में हुई घटना की जांच उत्तर प्रदेश प्रशासन से न कराकर उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से कराई जाए। इस बीच किसान आंदोलन से जुड़े योगेंद्र यादव ने कहा कि लखीमपुर खीरी में प्रदर्शनकारियों को दो गाड़ियों से कुचले जाने के विरोध में सोमवार को  किसान जिलाधिकारी कार्यालयों के बाहर धरना देंगे। इस घटना को लेकर विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल और भारतीय किसान यूनियन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और घटना के लिए भाजपा और गृह राज्य मंत्री के पुत्र पर आरोप लगाया है।