forensic science institute up: Forensic Science Institute Lucknow: यूपी दौरे में बड़ा गिफ्ट दे गए अमित शाह, लखनऊ में बन रहा फरेंसिक साइंस इंस्टिट्यूट, जानें यूपी को क्या होंगे फायदे – uttar pradesh get many benefits after opening forensic science institute in lucknow

हाइलाइट्स

  • यूपी की राजधनी लखनऊ में बन रहा फरेंसिक साइंस इंस्टिट्यूट
  • अमित शाह ने उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का शिलान्यास किया
  • फरेंसिक इंस्टिट्यूट बनने के बाद सबसे ज्यादा फायदा यूपी पुलिस को होगा

लखनऊ
चुनावी मौसम में यूपी के दौरे पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इंस्टिट्यूट ऑफ फरेंसिंक साइंसेज का शिलान्यास रविवार को लखनऊ में किया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बन रहे इस उत्तर प्रदेश पुलिस और फरेंसिक साइंस इंस्टिट्यूट बनने के बाद प्रदेश को बड़े फायदे होंगे।

उत्तर प्रदेश में 75 जनपद हैं। पुलिस प्रणाली के अनुसार इन 75 जनपदों को आठ जोन और 18 परिक्षेत्रों में बंटा है। इसके अलावा प्रदेश में जीआरपी और प्रशिक्षण जोन, पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, पांच फरेंसिक साइंस प्रयोगशालाएं बनेंगी। इसकी लागत करीब 200 करोड़ रुपये होगी।

देश के बाहर से आए छात्रों को भी मिलेगा मौका
उत्तर प्रदेश के अलावा भारत के राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल, भूटान, मालद्वीप, श्रीलंका समेत दूसरे देशों के छात्र यहां फरेंसिक साइंस के विभिन्न विषयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इस इंस्टिट्यूट के बन जाने के बाद यूपी पुलिस हाइटेक हो जाएगी।

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इन लोगों को मिल सकेगी ट्रेनिंग
यूपी में बन रहे इस संस्थान में राज्य सरकार, केन्द्र सरकार, न्यायपालिका, पुलिस, वैज्ञानिक, समाजशास्त्री भी इस संस्थान से प्रशिक्षण व विशेष अधिनियमों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

क्या है फरेसिंग साइंस
फरेंसिक साइंस का यूज क्रिमिनल की खोज करने के लिए किया जाता है। कभी-कभी तो ये ही डीएनए जांच के द्वारा दो बिछुड़ों को मिलाता भी है। अहम बात यह है कि अब इसमें काफी नई टेक्नॉलजी का यूज भी होने लगा है। इसके एक्सपर्ट क्राइम स्पॉट से प्रूव इकट्ठा करते हैं और फिर उन्हें सबूत के रूप में कोर्ट में पेश किया जाता है, ताकि कानून का राज कायम रहे।

जांच रिपोर्ट का नहीं करना पड़ेगा महीनों इंतजार
यूपी में यह यूनिवर्सिटी खुल जाने के बाद यूपी पुलिस को फरेंसिक एक्सर्ट्स के लिए गए सैंपलों को जांच के लिए बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। न ही रिपोर्ट के लिए दिनों या महीनों तक इंतजार करना पड़ेगा। किसी भी अपराध के दौरान सैंपल की जांच रिपोर्ट जल्दी मिलेगी और मामले का खुलासा जल्दी हो सकेगा।

अपराध की जांच हो सकेगी सटीक
अभी तक यूपी पुलिस के अधिकारियों और अन्य पुलिसकर्मियों को फरेंसिक साइंस के बारे में ठीक से पता तक नहीं है। पुलिस को इसकी ट्रेनिंग की जाएगी, जिससे वह हाइटेक होंगे। इसके अलावा यूपी पुलिस को आपराधिक स्थलों पर मौजूद सबूतों को खुद एकत्र करने या सबूतों को सुरक्षित करने की ट्रेनिंग भी मिल सकेगी।

भूमिपूजन करते अमित शाह

भूमिपूजन करते अमित शाह