Health Department Is Borrowing Anti Larva To Control Communicable Diseases – संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए एंटी लार्वा उधार ले रहा स्वास्थ्य विभाग

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मैनपुरी। संचारी रोगों को नियंत्रण के लिए किए जा रहे दावे कागजी है। हाल ये है कि स्वास्थ्य विभाग पर्याप्त मात्रा में एंटी लार्वा दवा की व्यवस्था भी नहीं करा सका है। स्वास्थ्य विभाग खुद दूसरे जिलों से दवा उधार लेकर काम कर रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अपनी पूरी ताकत संचारी रोग रोकने में नहीं बल्कि अपनी कमियों को छिपाने में लगा रहा है।
जिले में संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। अन्य विभागों को भी स्वास्थ्य विभाग ही दवा उपलब्ध कराता है। लेकिन हाल ये है कि इस बार स्वास्थ्य विभाग के पास खुद एंटी लार्वा दवा नहीं है। शासन को भेजी गई 700 लीटर दवा की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने बदायूं और कासगंज से सौ-सौ लीटर दवा उधार ली है। इसी उधार की दवा के सहारे संचारी रोगों को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्राम पंचायतों को एंटी लार्वा दवा देने से पहले ही स्वास्थ्य विभाग हाथ खड़े कर चुका है। खुद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी पत्र में ग्राम पंचायतों को दवा देने से मना करते हुए दवा न होने की बात लिखी गई थी। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग के पास भी दवा का न होने एक बड़ा खतरा है।
शासन को एंटी लार्वा दवा के लिए सात सौ लीटर की मांग भेजी गई है। जल्द ही दवा उपलब्ध होने की उम्मीद है। पास के जिलों से दवा मंगाकर लगातार जिले में उसका छिड़काव किया जा रहा है।
एसएन सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी

मैनपुरी। संचारी रोगों को नियंत्रण के लिए किए जा रहे दावे कागजी है। हाल ये है कि स्वास्थ्य विभाग पर्याप्त मात्रा में एंटी लार्वा दवा की व्यवस्था भी नहीं करा सका है। स्वास्थ्य विभाग खुद दूसरे जिलों से दवा उधार लेकर काम कर रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अपनी पूरी ताकत संचारी रोग रोकने में नहीं बल्कि अपनी कमियों को छिपाने में लगा रहा है।

जिले में संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। अन्य विभागों को भी स्वास्थ्य विभाग ही दवा उपलब्ध कराता है। लेकिन हाल ये है कि इस बार स्वास्थ्य विभाग के पास खुद एंटी लार्वा दवा नहीं है। शासन को भेजी गई 700 लीटर दवा की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने बदायूं और कासगंज से सौ-सौ लीटर दवा उधार ली है। इसी उधार की दवा के सहारे संचारी रोगों को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्राम पंचायतों को एंटी लार्वा दवा देने से पहले ही स्वास्थ्य विभाग हाथ खड़े कर चुका है। खुद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी पत्र में ग्राम पंचायतों को दवा देने से मना करते हुए दवा न होने की बात लिखी गई थी। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग के पास भी दवा का न होने एक बड़ा खतरा है।

शासन को एंटी लार्वा दवा के लिए सात सौ लीटर की मांग भेजी गई है। जल्द ही दवा उपलब्ध होने की उम्मीद है। पास के जिलों से दवा मंगाकर लगातार जिले में उसका छिड़काव किया जा रहा है।

एसएन सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी