Jagdalpur News: Jagdalpur Tribal Culture: आदिवासी संस्कृति कल्चर ताना-बाना ही बस्तर की पहचान

Publish Date: | Sat, 02 Oct 2021 06:02 AM (IST)

Jagdalpur Tribal Culture: जगदलपुर/भोंड़। बस्तर अकादमी आफ डांस आर्ट लिटरेचर एंड लैंग्वेज बादल आसना में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण बस्तर संभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधायक ने कहा कि आदिवासी संस्कृति कल्चर सामाजिक ताना-बाना ही बस्तर की पहचान है।

बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि बस्तर संभाग में निवासरत जनजातियों के नाम तथा उनका सामाजिक ताना-बाना का अभिलेखीकरण रीति रिवाज पहनावा एवं शारीरिक सौंदर्य साधन जन्म से जुड़े प्रत्येक घर परिवार व्यवस्था रिश्त-नाते वैवाहिक व्यवस्था वित्तीय कन्या पक्ष वर पक्ष के रीतियों, मृत्यु अधिनियम पद्धति, कर्म बस्तर संभाग के समृद्ध साहित्य परंपरा बस्तर का इतिहास है।

इसकी जानकारी राजनीतिक व्यवस्था ग्राम व्यवस्था प्रमुख पुस्तक के क्षेत्रीय भाषाओं की पुस्तक के क्षेत्रीय भाषा का विकास क्रम सीमित अल्प विलोपित हो रही। वहीं बोली के संरक्षण पर कार्य मुखी गीत गाना दिखा अभिलेखीकरण जैसे जन्म मृत्यु कृषि कार्य के शर्मा के गीत देवी धामी गीत अन्य कार्यो के समय विवाह गीत व त्योहार गीत आदि विलुप्त हो गई है इसको हमें आगे लाने के लिए बहुत ही सराहनीय तौर पर लाना है।

मेले-जात्रा का होगा अभिलेखीकरण

उन्होंने कहा कि अपने कलाकार भाइयों एवं बहनों को साथ लेकर चलना है तब यह कार्य संभव है बस्तर संभाग के मेले जात्रा का अभिलेखीकरण बस्तर की विभिन्ना मेलों के जैसे चित्रकोट मेला, बस्तर मेला, केसरपाल मेला, भानपुरी मेला, बस्तर दशहरा, जैसे बस्तर संभाग के गांव-गांव में बहुत सारे मेला लगाए जाते हैं। अभी तक वहां की पहुंच मार्ग अच्छी तरह से बनाया गया है एनएच से जोड़कर उसमें प्रत्येक गांव से देवी देवता एवं पुराने रीति-रिवाजों से जोड़कर जो सामाजिक महत्‍व की गतिविधियां होती है उसको ग्रामीणवासियों की मदद से महत्वपूर्ण तरीके से निभाया जाता है।

पुरातात्विक स्थान को मुख्य मार्ग से जोड़ा जा रहा

विधायक जगदलपुर रेखचंद जैन ने कहा कि पुरातात्विक संपदा का अभिलेखीकरण पुरातात्विक स्थान बारसूर, नारायणपाल, तीरथा , दंतेवाड़ा, जितने भी पुरातात्विक स्थान है। उसको मुख्य मार्ग से जोड़ा जा रहा है ताकि किसी भी पर्यटक को कोई भी परेशानी की सामना ना करना पड़े। इसके लिए हमारी छत्तीसगढ़ की सरकार विभिन्ना प्रकार की योजना और लोगों को राहत देने की काम कर रही हैं।

यह पर्यटक बस्तर की पावन धरा पर है। इसलिए लोग इसको बस्तर की एक पहचान के रूप में जानते हैं। कार्यक्रम में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन, बस्तर कमिश्नर जीआर चुरेंद्र, जिला महामंत्री हेमू उपाध्याय, शांति आदि मौजूद रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local