Jhabua News: नाथ के बाद अब शिव की पॉवर पॉलिटिक्स चरम पर

Publish Date: | Tue, 05 Oct 2021 12:10 AM (IST)

झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कमलनाथ के बाद अब शिवराजसिंह की पॉवर पॉलिटिक्स चरम पर है। जो खेल झाबुआ उपचुनाव में कमलनाथ सरकार ने खेला थे, अब वही खेल शिवराजसिंह सरकार भी जोरो से दिखा रही है। मुख्यमंत्री आज जनजातीय सम्मेलन के बहाने आदिवासी वोट बैंक को लुभाने और पडौसी सीट जोबट विधानसभा उपचुनाव का माहौल बनाने के लिए झाबुआ आ रहे हैं। 2019 में झाबुआ सीट पर उपचुनाव हुआ था तो कमलनाथ सरकार ने भी अपनी संपूर्ण ताकत यहां झोंक दी थी। अब बारी शिवराजसिंह सरकार की आ गई है।

मुख्यमंत्री आज दोपहर 1.41 बजे हेलीकाप्टर से गोपालपुरा हवाई पट्टी पर उतरेंगे। फिर कार से 5 किमी की दूरी तय करते हुए पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में पहुंचेंगे। दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक यहां आदिवासी सम्मेलन होगा। भाजपा संगठन और जिला प्रशासन इस सम्मेलन के लिए भीड़ जुटाने में लगा हुआ है। हर स्तर पर टारगेट दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस सरकारी आयोजन में उपस्थिति अच्छी खासी रहेगी।

पैकेजिंग की जा रही

सम्मेलन स्थल पर ही करोड़ों की लागत के विकास कार्यों के भूमिपूजन व शिलान्यास करवाने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री कई घोषणाएं भी करेंगे। कुल मिलाकर आदिवासी वोट बैंक को लुभाने के लिए विकास की पैकेजिंग हो रही है। इसके अलावा यह समझाने का प्रयास हो रहा है कि आदिवासियों की भलाई के लिए शिवराजसिंह सरकार ही बेहतर कार्य करती है जबकि पूर्व की कमलनाथ सरकार कुछ नहीं करती थी।

जोबट के माध्यम से सेंध

शिवराजसिंह चौहान का फोकस भी साफ नजर आ रहा है। झाबुआ के इस सरकारी आयोजन से वे सकरात्मक संदेश संपूर्ण क्षेत्र में पहुंचकर जोबट उपचुनाव किस भी तरह से जीतना चाहते हैं। जोबट में सेंध लगाने के बाद 2023 के लिए अभी से आलीराजपुर, झाबुआ, थांदला और पेटलावद सीट पर काबिज कांग्रेस की जड़ों को कमजोर करना चाहती है। राजनीति का मास्टर स्ट्रोक लगाते हुए उन्होंने पहले ही जोबट की पूर्व कांग्रेस विधायक सुलोचना रावत व पिछले चुनाव में निर्दलीय के रूप में सम्मानजनक प्रदर्शन करने वाले उनके पुत्र विशाल रावत को भाजपा में शामिल कर लिया है। रावत को उम्मीदवार बनाकर दो तरफ से कांग्रेस पर हमला होना भी लगभग तय माना जा रहा हैं।

यह हो रही तैयारियां

-गोपालपुरा से लेकर पॉलिटेक्निक कॉलेज के सड़क मार्ग पर काफी गड्ढे हो रहे थे जो कि भर दिए गए हैं। कोशिश यह है कि बगैर हिचकोले खाये मुख्यमंत्री का वाहन इस रास्ते से आना-जाना कर ले।

-रास्ते पर सफाई कर्मियों को लगाते हुए लगातार सफाई करवाई जा रही है।

-भाजपा नेताओं ने पूरे मार्ग को अपने होर्डिग्स, बैनर आदि से सजा दिया है।

-कार्यक्रम स्थल को भव्य स्वरूप दिया गया है।

यहां रोकेंगे मार्ग

मुख्यमंत्री का काफिला जब आना-जाना करेंगा तब मेघनर रोड, मेघनगर नाका, विजय स्तंभ, डीआर पी चौराहा, राजगढ़ नाका, किशनपुरी आदि का मार्ग रोका जाएगा। वाहन चालकों को यहां कुछ समय खड़ा रहना पड़ेगा।

यह है खास

मंत्री राजपूत मिल रहे कांग्रेसियों से

मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों को लेकर तीन अक्टूबर को ही परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत झाबुआ आ गए थे। सम्मेलन स्थल का रविवार की शाम को जायजा लेते हुए तैयारियों को लेकर उन्होंने अधिकारियों व भाजपा नेताओं से चर्चा की। सोमवार को वे सुबह से ही झाबुआ की एक होटल में मुलाकात करने में लग गए। इस बीच कई कांग्रेस नेताओं से भी उनकी मुलाकात हुई। उनका कहना है कि युवक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष वे बने थे, जब से ही उनके कई लोगों से संपर्क है। मुलाकात के लिए पुराने संपर्क वाले कई नेता राजपूत से मिलने पहुंचे थे। जिनमें पूर्व कांग्रेस विधायक जेवियर मेडा, आदित्य सिंह आदि रहे। सिंधिया फेन्स क्लब संचालित करने वाले विश्वनाथ सोनी भी मौजूद रहे।

शिवराज की कार्यशैली ज्यादा बेहतर

मंत्री राजपूत ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पूर्व कमलनाथ के मुकाबले शिवराजसिंह की कार्यशैली ज्यादा बेहतर है। कमलनाथ तो मुख्यमंत्री रहते हमेशा यह कहते थे कि 24 घण्टे ही उनके पास है और हर किसी को जल्दी चलता कर देते थे। जबकि शिवराजसिंह लंबे समय से मुख्यमंत्री है, उनके पास भी 24 घण्टे ही है लेकिन वे हर किसी की बात सुनते हैं। बेहतर प्रबंधन के सहारे वे अपना दायित्व अच्छे से निभाते हैं और परिवार-समाज को भी समय दे देते हैं। राजपूत ने आरोप लगाया कि आदिवासियों के लिए कांग्रेस सरकारों ने कुछ नहीं किया है जबकि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद काफी विकास किया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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