jobs in fisheries and aquaculture: Career After 12th: बनाना चाहते हैं Aquaculture में करियर? जानें बेस्ट कोर्स – how to make a career in fisheries and aquaculture

हाइलाइट्स

  • मत्‍स्‍य उत्‍पादन और पालन है बेहतरीन व्यवसाय
  • बैचलर ऑफ फिशरीज साइंस के बाद कर सकते हैं जॉब
  • यहां जानें कौन-से संस्थान से कोर्स करना रहेगा बेस्ट

Career In Aquaculture: मत्‍स्‍य उत्‍पादन और पालन एक ऐसा व्यवसाय है, जो सदियों से किया जा रहा है, हालांकि अब इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। अब यह भारत के प्रमुख्‍य व्‍यवसायों में शामिल हो गया है, भारत इस समय सबसे ज्यादा मत्स्य निर्यात में विश्व का तीसरा देश है। इसलिए यह क्षेत्र अब करियर के लिए शानदार फील्ड बनता जा रहा है। यह फील्‍ड अंतर्देशीय और समुद्र या अन्य जलीय प्रजातियों सहित मछलियों को पकड़ने से संबंधित है। इस उद्योग में मछली पकड़ने, प्रसंस्करण, विपणन और संरक्षण शामिल है।

यह एक मल्टी−डिसिप्लि‍नरी विषय है जिसमें मछलियों की विभिन्न प्रजातियों के जीवन, हैबिट्स और प्रजनन का जैविक अध्ययन शामिल है। मत्स्य पालन का उद्देश्य समुद्री संपदा को विकसित करना और उसे बनाए रखना है। भारत के लगभग 8 मिलियन लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मत्स्य क्षेत्र पर निर्भर हैं।

पर्सनल स्किल (Personal Skills For Fisheries and Aquaculture)
अगर आप इस फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं, तो आप में समुद्री जीवन में वास्तविक रुचि होनी चाहिए। इस क्षेत्र में बहुत अधिक शोध कार्य करने की आवश्यकता है, इसलिए उनमें रिसर्च ओरिएंटेड मानसिकता होनी चाहिए। इसके अलावा आपको अपने काम के प्रति डेडिकेटेड, मेहनती व जिज्ञासु होना चाहिए। वहीं एक अच्छा प्रबंधकीय कौशल भी आवश्यक है, क्योंकि मत्स्य विज्ञान एक ऐसा दायर है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से व्यवसाय से संबंधित है।
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एजुकेशन योग्यता (Education Qualification For Fisheries and Aquaculture)
इस फील्‍ड में आने के लिए आपको मत्स्य विज्ञान का अध्ययन करना पड़ेगा, जो स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर किया जा सकता है। मत्स्य स्नातक बनने के लिए राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के मत्स्य महाविद्यालयों से 4 साल का डिग्री कोर्स यानी बैचलर ऑफ फिशरीज साइंस (Bachelor of Fisheries Science) उत्तीर्ण करना होता है। इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए आपको 12वीं में बायोलॉजिकल साइंस के साथ होना आवश्यक है। देश में विभिन्न केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को नई दिल्ली स्थित आईसीएआर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित अखिल भारतीय स्तर के प्रवेश परीक्षा के लिए उपस्थित होना पड़ता है।

बाहरी राज्य के उम्मीदवारों के लिए विशेष कोटा उन उम्मीदवारों को दिया जाता है जिन्होंने ICAR की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है और उन्हें फेलोशिप भी मिल रही है। मात्स्यिकी विज्ञान स्नातक पाठ्यक्रम में अंतर्देशीय एक्वाकल्चर, फ्रेशवाटर एक्वाकल्चर, मेरीकल्चर, औद्योगिक मत्स्य पालन, मछली प्रसंस्करण और फसल उपरांत प्रौद्योगिकी, मत्स्य पोषण, पैथोलॉजी, पर्यावरण, पारिस्थितिकी और विस्तार जैसे विषय शामिल होते हैं। पाठ्यक्रम में व्यावहारिक अनुभव भी शामिल होता है- जैसे कि समुद्री नौकाओं पर मछली पकड़ना और डाटा संग्रह तथा प्रसंस्करण संयंत्रों में मात्स्यिकी आदि।
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करियर संभावनाएं (Career Prospects In Fisheries and Aquaculture)
मत्स्य विज्ञान से पढ़ाई पूरी करने के बाद आपके पास बहुत सारे करियर ऑप्‍शन मिल सकते हैं। आप सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों जैसे कि मत्स्य विभाग और राष्ट्रीयकृत बैंकों में रोजगार पा सकते हैं। साथ ही आप सरकारी एजेंसियों, कृषि के राज्य विभागों और केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान में मौजूद हैं। इन संस्थानों में भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है। वहीं केंद्र सरकार की एजेंसियों में विभिन्न अवसर समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, फिशरीज सर्वे ऑफ इंडिया, एनआईओ आदि में भी मौजूद हैं। वहीं निजी क्षेत्र में आप जलीय कृषि खेतों, हैचरी और प्रसंस्करण संयंत्रों में भी नौकरी की संभावनाएं उपलब्ध हैं।

वाणिज्यिक मछली पालन, बीज उत्पादन और समुद्री उत्पादों का निर्यात मत्स्य पालन में स्वरोजगार की संभावनाएं हैं। वहीं निजी क्षेत्र में आप गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी, मत्स्य प्रोसेसर, एक्वाकल्चररिस्ट, फार्म सहायक प्रबंधन आदि के अनेक अवसर उपलब्ध होते हैं। इन्हें उम्मीदवार की रोजगार प्रकृति और विशेषज्ञता के अनुरूप भिन्न-भिन्न वेतन प्रदान किया जाता है।

प्रमुख संस्थान (Institutes For Fisheries and Aquaculture Course)

  1. फोनिक्स स्कूल ऑफ फिशरीज, उत्तराखंड
  2. देश भगत यूनिवर्सिटी, पंजाब
  3. कॉलेज ऑफ फिशरीज, छत्तीसगढ़
  4. फिशरीज कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, तमिलनाडु
  5. केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशियन स्टडीज, केरल