Kenichi Ayukawa Says Lack Of Semiconductors Is A Golden Opportunity For The Indian Automobile Industry – सियाम अध्यक्ष केनिची आयुकावा बोले: सेमीकंडक्टर की कमी भारतीय वाहन उद्योग के लिए बड़ा मौका

वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के अध्यक्ष केनिची आयुकावा ने कहा कि सेमीकंडक्टर की कमी दुनियाभर के वाहन उद्योग के लिए बड़ी चुनौती है। भारतीय उपकरण निर्माता कंपनियां इस अवसर का लाभ उठा सकती हैं। अगर सरकार का साथ निवेश मिले, तो हम सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में दुनिया की अगुवाई भी कर सकते हैं।

भारतीय वाहन कलपुर्जा विनिर्माता संघ (एसीएमए) के 61वें सम्मेलन में आयुकावा ने कहा कि वाहन उद्योग के साथ विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी आधारित उपकरणों की मांग कई गुना बढ़ गई है। महामारी की चुनौती के बीच वैश्विक आपूर्ति शृंखला पहले से ही बहुत जटिल है और ऐसे व्यवधान चुनौतियां बढ़ा देते हैं। इसलिए हमें बढ़ती चुनौतियों के साथ तालमेल बिठाना होगा।

केनिची आयुकावा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टरों की आपूर्ति पर कई वजहों से जोखिम है। इसने पिछले साल से घरेलू वाहन उद्योग को प्रभावित किया और यह अब भी चुनौती बनी हुई है। इसे बनाने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है।

अकेले वाहन उद्योग इसकी भरपाई नहीं कर सकता। सभी क्षेत्रों के साथ की जरूरत है। सरकार कुछ दीर्घकालिक उपाय कर रही है। उम्मीद है कि दुनिया के अन्य निवेशक भारत में इस अवसर का लाभ उठाएंगे। एजेंसी

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष टीवी नरेंद्रन ने कहा कि ई-मोबिलिटी के तेजी से बढ़ने के बीच सेमीकंडक्टर अधिक महत्वपूर्ण होने जा रहा है। इसलिए भारत को सेमीकंडक्टर क्षमताएं बढ़ाने की जरूरत है।

एक पारिस्थितिकी तंत्र, देश, उद्योग, सामूहिक या व्यक्तिगत रूप से हमारे लिए इन क्षमताओं में निवेश करना महत्वपूर्ण है। हालांकि, इन क्षमताओं को बढ़ाने में अभी समय लगेगा। मारुति सुजुकी इंडिया, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा सहित कई घरेलू वाहन निर्माता कंपनियों को सेमीकंडक्टर की वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

30% तक बढ़ेगी वाहन उपकरण उद्योग की कमाई
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा का कहना है कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में सुधार और मजबूत निर्यात के दम पर 2021-22 के दौरान घरेलू वाहन उपकरण उद्योग की कमाई 20-30 फीसदी बढ़ सकती है। इसके अलावा, इस दौरान सभी क्षेत्रों (यात्री एवं वाणिज्यिक वाहन) में दहाई अंकों में वृद्धि की संभावना है। हालांकि, प्रमुख कच्चे माल की कीमतें और सेमीकंडक्टर की कमी उद्योग की चिंता की बात है। यात्री वाहन में मजबूत मांग जारी रहेगी। 

घरेलू वाहन उपकरण उद्योग को उत्पादन में स्थानीयकरण पहल को लागू करने, अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में निवेश बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। साथ ही उद्योग को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के लिए अनुसंधान और कार्यबल तैयार करने पर भी ध्यान देना चाहिए। -महेंद्र नाथ पांडेय, भारी उद्योग मंत्री

भारतीय ऑटोमोबाइल और उपकरण उद्योग को वाहनों के विभिन्न हिस्सों के लिए चीन पर अपनी आयात निर्भरता खत्म करने के साथ ऐसी वस्तुओं के स्थानीयकरण पर जोर देना चाहिए।  -अमिताभ कांत सीईओ, नीति आयोग

वाहन उपकरण उद्योग को अनुसंधान एवं विकास में और ज्यादा निवेश करने की जरूरत है। इसके अलावा, वाहन उपकरण निर्यात को और बढ़ाने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है, जो अभी कुल वाहन वैश्विक व्यापार का सिर्फ 1.2 प्रतिशत है।  -आरसी भार्गव, चेयरमैन मारुति सुजुकी इंडिया