One Killed, Half A Dozen Injured In Uncontrolled Car Collision – अनियंत्रित कार की टक्कर से एक की मौत, आधा दर्जन घायल

-एक्सीडेंट करके चालक भगा रहा था कार

मुरैना. दुर्घटना करके भाग रही अनियंत्रित कार ने हाइवे पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास तीन चार दो पहिया वाहनों में पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इनती जबरदस्त हुई कि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जिसमें एक की अस्पताल में मौत हो गई जबकि चार को भर्ती कराया गया है। घटना बुधवार की शाम ०६:३० बजे की है। एक्सीडेंट के बाद चालक कार को मौके पर छोडक़र फरार हो गया। खबर है कि चोट तो चालक को भी आई है।
जानकारी के अनुसार कार चालक ने छोंदा के आसपास किसी वाहन को टक्कर मार दी थी। उसके बाद चालक कार को भगाकर ला रहा था। तभी कार अनियंत्रित हो गई और पीछे से दो पहिया वाहनों को रौंदती हुई बढ़ती गई। अगर डिवाइडर से नहीं टकराती तो और भी लोगों को रौंद देती। इस दुर्घटना में ठेकेदार पदम सिंह (२८) पुत्र अंगद सिंह निवासी दाऊजी नगर मुरैना गांव उसके साथ बनवारी प्रजापति निवासी गोपाल पुरा, पूरन (३५) पुत्र बद्री निवासी उरहेरा सविता पुरा निर्माण कार्य पर मजदूरी करके मोटरसाइकिल से अपने अपने घर लौट रहे थे। वहीं एक मोटरसाइकिल पर विबालिका (२१) पुत्री विश्वनाथ व्यास निवासी रामनगर, उसका भाई कृष्णकांत व्यास (२२) ग्वालियर से लौट रहे थे। कृष्णकांत अपनी बहन को ग्वालियर एमबीए में एडमीशन कराने गया था। लौटते समय ये भी कार की चपेट में आ गए। इनको गंभीर हालत में १०८ एम्बूलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान बनवारी प्रजापति की मौत हो गई। जबकि अन्य चारों को भर्ती कराया गया है। घायल तो और भी हुए थे लेकिन उनको मामूली चोट थी, इसलिए वह अपने अपने घर चले गए।
जीवित को मृत घोषित कर डाल दिया स्टै्रचर पर ……..
जिला अस्पताल में घायलों को इलाज चल रहा था। इसी दौरान गंभीर रूप से घायल बनवारी प्रजापति की चिकित्सकों ने नाड़ी देखी और मृत घोषित करके उसको अमरजेंसी रूम से बाहर कर दिया। स्टै्रचर पर पड़ा बनवारी सांसे ले रहा था तब लोगों ने देखा तो चिकित्सक को बताया। उसके बाद चिकित्सकों के हाथ पैर फूल गए और आनन फानन में उसको कक्ष के अंदर लिया और उसका इलाज शुरू किया। हालांकि बाद में उसकी मृत्यु हो गई लेकिन अस्पताल में यह अक्सर देखा गया है कि जिस मरीज के साथ कोई अटेंडर नहीं होता है, उसका चिकित्सक प्रोपर इलाज नहीं करते।