Religion Conversion in UP Maulana Firoz Alam details sent to External Affairs and Nepal Embassy maulana convert hindu girls into muslims

फतेहपुर, जेएनएन। Religion Conversion in UP फर्जी नागरिकता और मतांतरण मामले में मौलाना फिरोज आलम की मुश्किलें बढ़ सकती हैैं। पुलिस अब मतांतरण के लिए युवती को लाने वाले बकेवर थानाक्षेत्र के युवक को तलाश रही है। उससे पूछताछ के जरिए मौलाना के राज सामने लाए जाएंगे। पुलिस कस्बे के अलावा सनगांव, ललौली, सेमौर समेत 10 गांवों में मौलाना के बारे में जानकारी जुटा रही है। साक्ष्य मिलने पर पुलिस मौलाना को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।

नेपाल के सुनूनाना थाना गौशाला जिला महोत्तरी निवासी मौलाना फिरोज आलम  20 साल पहले वर्ष 2001 में जिले में आ गया था। यहां हाईस्कूल से परास्नातक तक इस्लामिक शिक्षण संस्थानों में मजहबी तालीम हासिल कर गाजीपुर कस्बा स्थित बड़ी मस्जिद में इमाम हो गया था। मस्जिद कमेटी के सदस्यों से आपसी विवाद में पहचान उजागर होने पर उसकी पोल खुली तो पुलिस ने उसे जेल भेजा। एलआइयू और आइबी मौलाना द्वारा कराए गए मतांतरण के बारे में गोपनीय तरीके से मस्जिद कमेटी के सदस्यों के साथ आसपास रहने वाले ग्रामीणों से साक्ष्य संकलित करने में जुटी है। एलआइयू प्रभारी दिनेश पाठक ने बताया कि नेपाली मूल के मौलाना के बारे में रिपोर्ट विदेश मंत्रालय दिल्ली व नेपाल दूतावास भेजी गई है, लेकिन वहां से अभी कोई पत्राचार नहीं हुआ है। मतांतरण के बारे में अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिल सके हैं। 

तो अब पुलिस को असोथर के मौलवी की तलाश: असोथर कस्बा के कुछ ग्रामीणों ने एक मौलवी की शिकायत की है कि वह कस्बा स्थित अपने घर में गत छह माह से ताला लगाकर कहीं बाहर चला गया है। जिसके कार्यकलापों के गतिविधियों की जांच कराई जाए। मौलवी के बांदा में होने की चर्चा रही। बताते हैं कि इसी शिकवा शिकायत पर गोपनीय ढंग से खूफिया विभाग की टीम शनिवार को असोथर जांच करने पहुंची। हालांकि इस बाबत असोथर एसओ देवीदयाल सिंह व एलआइयू प्रभारी दिनेश पाठक ने ऐसी कोई शिकवा शिकायत से इंकार किया है। 

बकेवर में पुलिस कर रही छानबीन: मस्जिद कमेटी के सदस्य अब्दुल मजीद के मुताबिक बकेवर थानाक्षेत्र के एक गांव का युवक गाजीपुर कस्बा स्थित ससुराल में रहता है। उक्त युवक का छोटा भाई पांच माह पूर्व कानपुर देहात की एक हिंदू युवती को बरगला कर ले आया था। मौलाना फिरोज आलम ने युवती का मतांतरण करवाकर निकाह पढ़वाया था। गाजीपुर पुलिस युवक-युवती की तलाश कर रही है ताकि जानकारी मिले।  

पासपोर्ट रजिस्टर की जांच, फंस सकते पुलिसकर्मी: वर्ष 2016 में मौलाना ने फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाया था। इसमें परिचितों की गवाही के साथ एलआइयू और संबधित चौकी पुलिस की भी रिपोर्ट लगती है। मामले में एएसपी राजेश कुमार सिंह ने वर्ष 2016 का पासपोर्ट रजिस्टर तलब किया है जिसमें कई पुलिसकर्मी जांच के दायरे में आ सकते हैं। आरोपित ने बयान दिया था कि पांच हजार रुपये देने पर दलालों ने पासपोर्ट बनवा दिया था। 

अभिभावकों से भी पूछताछ शुरू : मजहबी शिक्षा लेने वाले बच्चों के अभिभावकों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। गाजीपुर थाना प्रभारी नीरज यादव और  विवेचक शाह चौकी प्रभारी प्रमोद मौर्य ने बताया कि फिरोज आलम से करीब 50 मुस्लिम बच्चे मजहबी शिक्षा लेने आते थे। उनके अभिभावकों से भी पूछताछ की जा रही है।