Religious News In Raipur Do not be proud of the body that perishes do the duty of being a friend Acharya

Publish Date: | Mon, 04 Oct 2021 10:25 PM (IST)

Religious News In Raipur: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अपने खूबसूरत होने, स्वस्थ शरीर रहने अथवा धन-दौलत से मालामाल होने का कभी भी घमंड न करें। दुनिया में हर व्यक्ति अपना भाग्य लेकर आया है, बस अच्छे कर्म करने और मेहनत करने से प्रगति होगी। यह भी न कहें कि मैंने हासिल किया है। अपने सफल होने पर भगवान का आभार मानें। दोस्ती का फर्ज निभाएं। दोस्त मुसीबत में हो तो उसकी मदद करने से पीछे न हटें।

यह संदेश भनपुरी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा-श्रीकृष्ण प्रसंग में कथावाचक आचार्य पं. विनोद बिहारी गोस्वामी ने दिया।

पं. गोस्वामी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण, द्वारका के राजा होने के बाद भी अपने बचपन के मित्र सुदामा को नहीं भूले और मित्रता धर्म को निभाया। गरीब स्वाभिमानी सुदामा को बिना मांगे और बिना अहसान जताए उसकी सहायता की। यह प्रसंग हमें सीख देता है कि अपने मित्र धर्म का फर्ज निभाना चाहिए। यदि मित्र संकट में हो तो उसकी मदद बिना मांगें करनी चाहिए।

जीवन में एक बार अवश्य कराएं कथा

परीक्षित मोक्ष प्रसंग में बताया कि राजा परीक्षित ने ऋषि समीकमुनि के गले में मरा हुआ सर्प डाल दिया। कौशिकी नदी में स्नान कर रहे समीकमुनि के पुत्र श्रृंगी ऋषि को पता चला तो ऋषि ने श्राप दिया कि सातवें दिन तक्षक के काटने से राजा की मृत्यु होगी। राजा ने मोक्ष का उपाय पूछा। सुकदेव मुनि ने राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया। कथा के सातवें दिन राजा को मोक्ष की प्राप्ति हुई। पं.गोस्वामी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक बार भागवत कथा अवश्य करानी चाहिए।

Posted By: Kadir Khan

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