Secondary Education: Bulandshahr Was Written On The Appointment Letter Instead Of Badaun, The Teacher Reached The High Court For Not Joining – माध्यमिक शिक्षा : नियुक्ति पत्र पर बदायूं की जगह लिख दिया बुलंदशहर, ज्वाइनिंग न होने पर परेशान शिक्षक पहुंचा हाईकोर्ट

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 02 Oct 2021 08:30 PM IST

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी कर जानकारी मांगी है कि नियुक्ति पत्र में लिखे गए गलत जिले का संशोधन किन कारणों से नहीं किया गया है। गलत जिला लिखे होने के कारण याची कार्यभार ग्रहण नहीं कर सका और पत्र संशोधन अर्जी पर कोई आदेश न होने से हाईकोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी। याचिका की सुनवाई 19 अक्तूबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने बदायूं के जगतपाल सिंह की याचिका पर दिया है।

कोर्ट के आदेश पर निदेशक को याचिका में पक्षकार बनाया गया। कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अधिवक्ता मृत्युंजय तिवारी से जानकारी मांगी है। याची  का कहना था कि सहायक अध्यापक भर्ती 2009 में याची का चयन हुआ। उसे  कालेज आवंटित किया गया। जारी नियुक्ति पत्र में बदायूं के बजाय बुलंदशहर जिला लिखे होने के कारण ज्वाइन नहीं कर सका। याची ने जिला विद्यालय निरीक्षक को नियुक्ति पत्र संशोधन अर्जी दी। अनुस्मरण पत्र भी दिया किन्तु कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी कर जानकारी मांगी है कि नियुक्ति पत्र में लिखे गए गलत जिले का संशोधन किन कारणों से नहीं किया गया है। गलत जिला लिखे होने के कारण याची कार्यभार ग्रहण नहीं कर सका और पत्र संशोधन अर्जी पर कोई आदेश न होने से हाईकोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी। याचिका की सुनवाई 19 अक्तूबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने बदायूं के जगतपाल सिंह की याचिका पर दिया है।

कोर्ट के आदेश पर निदेशक को याचिका में पक्षकार बनाया गया। कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अधिवक्ता मृत्युंजय तिवारी से जानकारी मांगी है। याची  का कहना था कि सहायक अध्यापक भर्ती 2009 में याची का चयन हुआ। उसे  कालेज आवंटित किया गया। जारी नियुक्ति पत्र में बदायूं के बजाय बुलंदशहर जिला लिखे होने के कारण ज्वाइन नहीं कर सका। याची ने जिला विद्यालय निरीक्षक को नियुक्ति पत्र संशोधन अर्जी दी। अनुस्मरण पत्र भी दिया किन्तु कोई कार्रवाई नहीं की गई।