Share Market Live Updates : Sensex Up Over 350 Points Nifty Above 17 600 Amid Reliance HDFC Share Surge

Share Market : घरेलू शेयर बाजारों ने दिखाई मजबूती, सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी उछाल के साथ खुले

एशियाई बाजार में कमजोरी के बावजूद आज अच्छी उछाल के साथ खुले शेयर बाजार.

मुंबई:

सोमवार यानी 4 अक्टूबर, 2021 को एशियाई बाजारों में कमजोरी आई है, इसके बावजूद घरेलू शेयर बाजारों में तेजी दिखी है. बीएसई सेंसेक्स में आज ओपनिंग के साथ 381 अंकों की उछाल दर्ज हुई, वहीं निफ्टी 50 अपने साइकोलॉजिकल लेवल 17,600 के ऊपर रहा. Reliance Industries, HDFC, HDFC Bank, ICICI Bank, Infosys, Bajaj Finance और State Bank of India के शेयरों में तेजी का असर आज दिखा. सेंसेक्स ओपनिंग में 294.90 अंकों यानी 0.50% की उछाल लेकर 59,060.48 के लेवल पर खुला. वहीं, निफ्टी 83.80 अंकों यानी 0.48% की तेजी के साथ 17,615.80 के स्तर पर खुला.

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सुबह 9.55 पर सेंसेक्स 559.29 अंकों यानी 0.95% की तेजी के साथ 59,324.87 पर ट्रेडिंग कर रहा था. वहीं निफ्टी इस दौरान 152.20 अंकों या 0.87% की 17,684.25 के स्तर पर था. 

एनएसई के नौ सेक्टरों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था. निफ्टी पीएसयू बैंकिंग इंडेक्स 1.4 फीसदी बढ़ गया.

आज एशियाई बाजारों में ज्यादातर इंडेक्स में गिरावट आई थी. जापान का निक्केई 0.95 फीसदी गिर गया. हॉन्ग कॉन्ग के हांग सेंग में 1.75 फीसदी की गिरावट आई और ताइवान के इंडेक्स में 0.6 फीसदी की गिरावट आई.

पिछले कारोबारी सत्र को देखें तो मुद्रास्फीति की चिंता और वैश्विक वृद्धि में कमी से निवेशकों का भरोसा घटने के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन गिरावट हुई. इस दौरान सेंसेक्स 360.78 अंक या 0.61 फीसदी की गिरावट के साथ 58,765.58 पर बंद हुआ. इसी तरह निफ्टी 86.10 अंक या 0.49 फीसदी टूटकर 17,532.05 पर बंद हुआ.

इस हफ्ते बाजार का रुख 

विश्लेषकों ने यह राय जताई है कि रिजर्व बैंक के ब्याज दर पर निर्णय, वृहद आर्थिक आंकड़ों तथा वैश्विक रुख से इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा तय होगी. विश्लेषकों ने कहा कि जोरदार तेजी के बाद अब बाजार में ‘करेक्शन’ के संकेत दिख रहे हैं. इसके अलावा निवेशकों की निगाह रुपये के उतार-चढ़ाव तथा अमेरिका में बांड प्राप्ति पर भी रहेगी.  आठ अक्टूबर को टीसीएस के दूसरी तिामही के नतीजे भी आने हैं. डॉलर इंडेक्स का उतार-चढ़ाव और अमेरिकी बांड पर प्रतिफल की वैश्विक बाजारों की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. वहीं कच्चे तेल की कीमतों का भारतीय बाजारों पर व्यापक प्रभाव रहेगा.