Sp,police,fir,high Alert,lucknow Cricket Kanpur Auraiya Won – बलिया के ध्यानार्थ: अवैध वसूली में संलिप्त सिपाही पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की रिपोर्ट

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महोबा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण में लगे ट्रकों से अवैध वसूली के मामले में लिप्त रहे शहर कोतवाली में तैनात तत्कालीन सिपाही राजकुमार कश्यप के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया। भ्रष्टाचार निवारण इकाई झांसी के प्रभारी निरीक्षक अंबरीश कुमार ने जांच के दौरान सिपाही के भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण शाखा झांसी करेंगी।
गौरतलब है कि सितंबर 2020 में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण में लगे ट्रकों से अवैध वसूली गई थी। लखनऊ के इंफ्राटेक्चर प्रा. लि. के पीपी पांडेय ने शहर कोतवाली में तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, एक इंस्पेक्टर, दो थानाध्यक्ष व एक सिपाही राजकुमार कश्यप के खिलाफ अवैध वसूूली का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी दौरान कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने भी सात सितंबर 2020 को वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी पर छह लाख रुपये वसूली का आरोप लगाया था। संदिग्ध हालत में गोली लगने पर 13 सितंबर को कारोबारी की मौत हो गई थी। जिसके बाद कबरई थाने में तत्कालीन एसपी समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। वसूली के मामले में सिपाही को निलंबित कर दिया गया था।
भ्रष्टाचार मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण इकाई झांसी कर रही थी। जांच के दौरान सिपाही राजकुमार कश्यप के भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने पर झांसी इकाई के प्रभारी निरीक्षक अंबरीश कुमार ने गुरुवार को शहर कोतवाली में सिपाही के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मामला दर्ज कराया है। वर्तमान में सिपाही बलिया जिले में तैनात है। दो माह पहले इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में शामिल सिपाही अरुण यादव के खिलाफ भी कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।

महोबा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण में लगे ट्रकों से अवैध वसूली के मामले में लिप्त रहे शहर कोतवाली में तैनात तत्कालीन सिपाही राजकुमार कश्यप के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया। भ्रष्टाचार निवारण इकाई झांसी के प्रभारी निरीक्षक अंबरीश कुमार ने जांच के दौरान सिपाही के भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण शाखा झांसी करेंगी।

गौरतलब है कि सितंबर 2020 में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण में लगे ट्रकों से अवैध वसूली गई थी। लखनऊ के इंफ्राटेक्चर प्रा. लि. के पीपी पांडेय ने शहर कोतवाली में तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, एक इंस्पेक्टर, दो थानाध्यक्ष व एक सिपाही राजकुमार कश्यप के खिलाफ अवैध वसूूली का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी दौरान कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने भी सात सितंबर 2020 को वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी पर छह लाख रुपये वसूली का आरोप लगाया था। संदिग्ध हालत में गोली लगने पर 13 सितंबर को कारोबारी की मौत हो गई थी। जिसके बाद कबरई थाने में तत्कालीन एसपी समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। वसूली के मामले में सिपाही को निलंबित कर दिया गया था।

भ्रष्टाचार मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण इकाई झांसी कर रही थी। जांच के दौरान सिपाही राजकुमार कश्यप के भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने पर झांसी इकाई के प्रभारी निरीक्षक अंबरीश कुमार ने गुरुवार को शहर कोतवाली में सिपाही के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मामला दर्ज कराया है। वर्तमान में सिपाही बलिया जिले में तैनात है। दो माह पहले इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में शामिल सिपाही अरुण यादव के खिलाफ भी कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।