Teachers Recruitment : Arts Top, Commerce And Science Left Behind – Teachers Recruitment : भर्तियों में ऑट्र्स टॉप, साइंस और कॉमर्स छूट पीछे

कॉलेजों में कला संकाय के विषय सर्वाधिक। कला संकाय के विद्यार्थी दे रहे नौकरियों में टक्कर।

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

कॉलेज शिक्षकों की भर्ती में कला संकाय विज्ञान और कॉमर्स को पीछे धकेल रहा है। सबसे बड़ी वजह कॉलेजों में कला संकाय के ज्यादा विषय होना है। इसके अलावा बैंक, बीमा, प्रशासनिक और अन्य सेवाओं में कला संकाय के विद्याॢथयों का बढ़ता रुझान भी बड़ा कारण है।

कॉलेज शिक्षा विभाग सहायक आचार्यों की भर्ती राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से कराता है। आयोग पिछले 74 साल से यह भर्ती अंजाम दे रहा है। पिछले 10 साल में हुई सहायक आचार्यों की भर्ती का ग्राफ देखें तो ट्रेंड बिल्कुल बदल चुका है। कभी विज्ञान और कॉमर्स संकाय कॉलेजों में दबदबा होता था, लेकिन अब कला संकाय ने इन्हें पीछे धकेलना शुरू कर दिया है।

कॉलेज शिक्षक भर्तियों का ट्रेंड
सहायक आचार्य भर्ती 2010
कला संकाय-280
विज्ञान संकाय-97
कॉमर्स संकाय-48
सहायक आचार्य भर्ती 2014-15
कला संकाय-563
विज्ञान संकाय-288
कॉमर्स संकाय-114
सहायक आचार्य भर्ती 2020
कला संकाय-480
विज्ञान संकाय-173
कॉमर्स संकाय-265

कला संकाय में सर्वाधिक विषय
राज्य में 368 सरकारी कॉलेज हैं। इनमें पुराने और नए खुले पीजी और यूजी कॉलेज हैं। अधिकांश कॉलेजों में कला संकाय से जुड़े इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी, लोकप्रशासन, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र,संस्कृत, चित्रकला, संगीत और अन्य विषय संचालित हैं। जबकि विज्ञान में कंप्यूटर आईटी, पर्यावरण विज्ञान, माइक्रोबायलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित, बायलॉजी और कॉमर्स में ईएएफएम, एबीएसटी, कॉमर्स-मैथ्स जैसे सीमित विषय हैं। लिहाजा कला संकाय में शिक्षकों की संख्या बढ़ रही है।

विद्यार्थियों का बढ़ रहा रुझान
मदस विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी ने बताया कि 20 साल पहले तक आईएएस, आरएएस सहित कर्मचारी चयन आयोग, बैंक, बीमा, कंप्यूटर-आईटी और अन्य नौकरियों में कला संकाय के विद्यार्थियों की संख्या 15 से 18 प्रतिशत तक होती थी। यह तादाद बढ़कर अब 38 से 45 प्रतिशत तक हो चुकी है। विद्यार्थियों की कला संकाय के विषयों में रुचि कायम है।

स्टूडेंट्स स्पीक अप
आरएएस, आईएएस, सब इंस्पेक्टर या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इतिहास, भूगोल, पर्यावरण, राजनीति विज्ञान, लोकप्रशासन विषय होते हैं। यह कला संकाय से जुड़े हुए हैं, पर विज्ञान-कॉमर्स के विद्यार्थियों को पढऩे पड़ते हैं।

भगवानसिंह चौहान
अब कला संकाय के विद्यार्थी भी सब क्षेत्रों में अव्वल हैं। वे विज्ञान और कॉमर्स के विद्यार्थियों को टक्कर दे रहे हैं। इसीलिए कॉलेज शिक्षकों की भर्ती का ट्रेंड बदल रहा है।

पायल जैन

कभी विज्ञान और कॉमर्स को कॅरिअर के लिहाज से विद्यार्थी-अभ्यर्थी तवज्जो देते थे। पिछले 10-15 साल में ट्रेंड बदल गया है। अब कला संकाय के विद्यार्थी प्रत्येक क्षेत्र में कार्यरत हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अव्वल हैं। कॉलेज में विज्ञान-कॉमर्स के बजाय कला संकाय के विविध विषय हैं।
डॉ. एन.के.भाभड़ा, पूर्व आयुक्त कॉलेज शिक्षा