Team Of Scientists Inspected The Land – वैज्ञानिकों के दल ने किया भूमि का निरीक्षण

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विनायखाल क्षेत्र में कृषि अनुसंधान शोध केंद्र खोलने की मांग को लेकर वीर चंद सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विवि के वैज्ञानिकों की टीम ने ठंगधार और क्यारी नामे तोक में भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम विवि के कुलपति प्रो. एके कर्नाटक को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। वैज्ञानिकों ने स्थानीय ग्रामीणों ने शोध संसाधन को दी जानी वाली भूमि को लेकर पहले आपसी सहमति बनाकर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा।
बासर और थाती पट्टी के मध्य ठंगधार बंजर पड़ी भूमि पर कृषि अनुसंधान शोध केंद्र खोलने की मांग को लेकर ग्रामीण विष्णु प्रसाद सेमवाल ने कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को पत्र भेजा था। कृषि मंत्री ने मामले में औद्यानिकी एवं वानिकी विवि भरसार के कुलपति से रिपोर्ट मांगी थी। कुलपति प्रो. कर्नाटक ने भूमि का चयन करने के लिए विवि के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम गठित की थी। बृहस्पतिवार को वैज्ञानिकों की टीम ने विनयखाल पहुंचकर ठंगधार की भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया।
ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि ठंगधार की भूमि उन्होंने ज्वालामुखी शिक्षा प्रसार समिति के नाम पर दान दी गई है। मामले में गांव के लोग आपसी सहमति बनाकर निर्णय लेंगे। वैज्ञानिकों की टीम ने तिसरियाडा गांव के क्यारी नामे तोक की जमीन को कृषि अनुसंधान केंद्र खोलने के लिए बेहतर बताया। टीम में निदेशक शोध भरसार डा. अमोल वशिष्ठ, डा. अनिल बिजल्वाण, डा. अजय कुमार, डा. आलोक येवले शामिल रहे। इस मौके पर प्रधान लक्ष्मी प्रसाद, राम प्रसाद भट्ट, कलम सिंह तोमर, उत्तम लाल, बच्चन सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, कीर्ति सिंह उपस्थित रहे।

विनायखाल क्षेत्र में कृषि अनुसंधान शोध केंद्र खोलने की मांग को लेकर वीर चंद सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विवि के वैज्ञानिकों की टीम ने ठंगधार और क्यारी नामे तोक में भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम विवि के कुलपति प्रो. एके कर्नाटक को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। वैज्ञानिकों ने स्थानीय ग्रामीणों ने शोध संसाधन को दी जानी वाली भूमि को लेकर पहले आपसी सहमति बनाकर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा।

बासर और थाती पट्टी के मध्य ठंगधार बंजर पड़ी भूमि पर कृषि अनुसंधान शोध केंद्र खोलने की मांग को लेकर ग्रामीण विष्णु प्रसाद सेमवाल ने कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को पत्र भेजा था। कृषि मंत्री ने मामले में औद्यानिकी एवं वानिकी विवि भरसार के कुलपति से रिपोर्ट मांगी थी। कुलपति प्रो. कर्नाटक ने भूमि का चयन करने के लिए विवि के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम गठित की थी। बृहस्पतिवार को वैज्ञानिकों की टीम ने विनयखाल पहुंचकर ठंगधार की भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया।

ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि ठंगधार की भूमि उन्होंने ज्वालामुखी शिक्षा प्रसार समिति के नाम पर दान दी गई है। मामले में गांव के लोग आपसी सहमति बनाकर निर्णय लेंगे। वैज्ञानिकों की टीम ने तिसरियाडा गांव के क्यारी नामे तोक की जमीन को कृषि अनुसंधान केंद्र खोलने के लिए बेहतर बताया। टीम में निदेशक शोध भरसार डा. अमोल वशिष्ठ, डा. अनिल बिजल्वाण, डा. अजय कुमार, डा. आलोक येवले शामिल रहे। इस मौके पर प्रधान लक्ष्मी प्रसाद, राम प्रसाद भट्ट, कलम सिंह तोमर, उत्तम लाल, बच्चन सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, कीर्ति सिंह उपस्थित रहे।