The right choice of course and a strong hold on the subject will give success

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। कक्षा 12वीं के बाद छात्र -छात्राओं के सामने करियर की राह चुनने के लिए संशय, बाधाएं आती है, जिन्हें दूर करने के लिए बुधवार को दैनिक जागरण ने यूथ कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किया। श्रीकुंद-कुंद जैन महाविद्यालय-खतौली की प्राचार्या ने करियर काउंलर के रूप में पहुंचकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने सवालों के माध्यम से अपनी जिज्ञासा को शांत किया और लक्ष्य निर्धारित करने का संकल्प लिया।

यूथ कनेक्ट कार्यक्रम में बुधवार को जीटी रोड, तिगाई गांव स्थित मेपल्स एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में जुड़कर करियर की राह आसान करने का प्रयास किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीकुंद-कुंद जैन महाविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्राचार्या डा. नीतू वशिष्ठ ने कहा कि कोविड-19 के दौरान पढ़ने और पढ़ाने के साथ जाब करने के तरीकों में बदलाव आया है, लेकिन करियर चुनने की ढेरों राह हैं। वर्तमान समय में हर क्षेत्र में संभावनाएं पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई हैं। हतोत्साहित होने के बजाए छात्र-छात्राएं हर क्षण कुछ नया सीखने के लिए आतुर बनें। पढ़ाई के साथ करियर के सामने आने वाली परिस्थितियों से डरें नहीं, बल्कि अपने लक्ष्य को निर्धारित कर आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प बनाए रखें। अक्सर ऐसा होता है कि कक्षा 12वीं के बाद कोर्स का चयन जल्दबाजी में कर लेते हैं, जिससे आगे चलकर कठिनाई होती है। यह विशेष रूप से ध्यान रखें कि धैर्य के साथ अपनी क्षमता, विशेषता के अनुरूप सही कोर्स का चयन करें। चयन के बाद रुचि और विषय पर मजबूत पकड़ बनाएं। इससे निश्चित ही सफलता के शिखर तक पहुंच जाएंगे। अपनी क्षमता को पहचाकर आगे बढ़े

प्राचार्या डा. नीतू वशिष्ठ, एकेडमी की प्रधानाचार्या ममता दत्ता शर्मा ने छात्र-छात्राओं से कहा कि किसी लक्ष्य को भेदने के लिए सबसे अधिक जरूरी है अपने भीतर की क्षमता। ध्यान रखना चाहिए कि हमारा उद्देश्य क्या है। उसी दिशा में चलते हुए पढ़ाई करेंगे तो तेजी से लक्ष्य की तरफ उड़ान भरी जा सकती है। अपने भीतर एक विशेष पहचान को मजबूत करें, उसे लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ते रहें। चुनौतियों से डरे नहीं, डटकर करें उनका मुकाबला

श्रीकुंद-कुंद जैन महाविद्यालय की प्राचार्या डा. नीतू वशिष्ठ कहती हैं कि दैनिक जागरण का यूथ कनेक्ट कार्यक्रम बच्चों के साथ युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन का उचित प्लेटफार्म है। वह कहती हैं कि जीवन अनमोल है। जिदगी में अनेक मोड़ और रास्तों पर कठिनाइयां सामने आती हैं। इनका मतलब यह नहीं है कि हम टूट जाएं और बिखर जाएं। सकारात्मक सोच के साथ परिस्थितियों को समझें और डटकर उनका मुकाबला करें। सही राह का चयन करें और अपने उद्देश्य के लिए उस पर मेहनत करते रहें। सफलता शार्टकट से नहीं मिलती है, बल्कि उसके लिए कठिन परिश्रम, समय का त्याग करना होता है। हमारी सोच हमेशा ऊर्जावान होनी चाहिए

स्वयं से सीखकर आगे बढ़ने की करें कोशिश

मेपल्स एकेडमी की प्रधानाचार्या ममता दत्ता शर्मा कहती है कि व्यक्ति सकारात्मक सोच के साथ स्वयं से सीखकर आगे बढ़ता है। करियर हो या परिवार, नौकरी हो या कारोबार। इन सबके सफल संचालन के लिए व्यवहार और कुशलता सर्वोपरि होती है। सफलता पर पहुंचने के साथ उसे अपनी पहचान, नाम के साथ बरकरार रखना चुनौती रहता है। इसके लिए हमें चाहिए कि सबको साथ लेकर चलने की भावना अपने भीतर पैदा करें। जीवन और करियर में निराशा का भाव समस्याएं बढ़ाता है, जबकि उचित मार्गदर्शन परेशानियों से निकाल देता है। दैनिक जागरण का यूथ कनेक्ट कार्यक्रम युवाओं में करियर की उलझनों को दूर करने का एक अच्छा माध्यम है।

छात्र-छात्राओं के पांच सवाल, प्रचार्या के जवाब

– मेरा सिविल सेवा सर्विस में जाने का लक्ष्य है। 12वीं कक्षा के बाद कौन से कोर्स का चयन मेरे लक्ष्य के अनुकूल रहेगा, जिससे आसानी से सफलता मिल जाए?

– स्वाति, कक्षा 12वीं 12वीं कक्षा के बाद करियर के साथ अनेक कोर्स हैं। सिविल सेवा सर्विस के लिए सबसे पहले आप अपनी रुचि के अनुरूप कोर्स का चयन कर ग्रेजुएशन करें। आप पीसीएम की छात्रा हैं तो आप बीएससी, बीकाम के साथ अच्छे कोर्स का चयन करें। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए सामान्य ज्ञान के साथ पढ़ाई का लक्ष्य निर्धारित करें। उसके बाद करियर की राह आसान होगी। —-

– यू-ट्यूब अच्छे गाइड्स आदि के सहारे प्रेरणा मिलती है, लेकिन यह अधिक समय तक नहीं टिकती है। इसके लिए क्या करें कि प्रेरणा लंबे समय तक हमें ऊर्जावान रखे और मेहनत के लिए प्रेरित करती रहे?

– वर्षा रानी, कक्षा 12वीं

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इसमें कोई शक नहीं है कि वर्तमान में प्रेरणा के लिए आनलाइन, आफलाइन कई प्लेटफार्म उपलब्ध हैं। जीवन में प्रेरणा का ठहराव हमारे स्वयं से है। अपने भीतर आत्मशक्ति को जगाएं और थोड़ा ही सही, लेकिन अपनी पसंद के विषय, कार्यो पर एकाग्रता रखें, ताकि भविष्य में करियर के प्लेटफार्म पर हमारा नियंत्रण न बिगड़ पाए। सही रूप से चीजों का चयन करें। —-

– मुझे शिक्षक के रूप में करियर बनाना है, इसके लिए कौन से विषयों का चयन बेहतर रहेगा, जिससे मुझे अपने लक्ष्य में अधिक पकड़ मिल सके और मेरा करियर बेहतर तरीके मजबूत बन सके?

– अवंतिका, कक्षा 12वीं आपके पास राजनीति, विज्ञान, इतिहास आदि बेहतर विषय हैं। आप इनमें किसी एक विषय को अपनी विशेष पहचान बनाएं। उस विषय में अपना शत-प्रतिशत योगदान दें। इन विषयों के लिए करियर की राह खुली हुई है। इतिहास से आर्कियोलाजी, ज्योग्राफिक के साथ जुलाजी आदि में अच्छा करियर बनाया जा सकता है।

—– – मुझे सिविल सेवा सर्विस के लिए तैयारी करनी है, इसके लिए क्या उचित होगा। किसी भी सरकारी फील्ड का आफिसर बनने के लिए किन-किन योग्यताओं की जरूरत होती है। उसके लिए मुझे क्या करना चाहिए?

– अक्षत जैन, कक्षा 12वीं

सबसे पहले आपको अपनी उलझनों से बाहर निकलना होगा। सिविल सर्विस जाने के लिए उचित मार्गदर्शकों की किताबों का अध्ययन करें। अपनी रुचि के विषय को अधिक पढ़ें और गहराई से समझें। प्रतियोगिता परीक्षा में सभी तरह के सवाल होते है। इन्हें समझने के लिए सफल प्रतिभागी के अनुभव की जानकारी लें। इसके लिए ग्रेजुएशन सबसे पहली सीढ़ी है। —-

– मुझे कक्षा 12वीं के बाद आइआइटी में एडमिशन लेना है। इसके लिए क्या कोर्स सही रहेगा और उसके अध्ययन का तरीका क्या होता है? इसको लेकर मुझे कंफ्यूजन बना हुआ है।

– प्रणव कुमार, छात्र

किसी भी सफलता के लिए आपके अंक मायने नहीं रखते है। इसके लिए आपके भीतर क्या विशेष और कितनी सकारात्मक ऊर्जा है? यह महत्वपूर्ण है। आइआइटी से इंजीनियरिग की राह के लिए कई कोर्स और कोचिग हैं, लेकिन सेल्फ स्टडी सफलता लिए जरूरी है।

Edited By: Jagran