Then navjot singh siddhu unknowingly taken a wrong decision in england cricket tour – तब भी सिद्धू ने बगैर समझे नाराजगी में उठाया बड़ा कदम, फिर मांगी माफी after it apology

एक जमाना था कि जब 90 के दशक में सिद्धू भारतीय क्रिकेट टीम में दोबारा लौटे. वो इतने इंट्रोवर्ट थे कि भारतीय क्रिकेट टीम में उनकी किसी बात ही नहीं होती थी, वो अपने में सिमटे होते थे. भारतीय टीम तब इंग्लैंड के दौरे पर थी. कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन रोज उनको रोककर कुछ पूछते थे और सिद्धू ना तो उसको समझ पाते थे और ना ही जवाब दे पाते थे.

उन्हें लगता था कि कप्तान उन्हें अपशब्द कह रहा है. इसे उनका इंट्रोवर्ट ही होना कहा जाएगा कि वो अपने किसी साथी क्रिकेटर से भी नहीं पूछ पाए कि अजहर दरअसल उनसे कहते क्या थे. माना जा सकता है कि टीम में उन्होंने किसी से दोस्ताना संबंध नहीं बनाए थे. ना ही उनकी किसी से ज्यादा बात होती थी.

अजहर और सिद्धू का रोज जब भी सामना होता था तब अजहर उनसे वही बात कह देते थे. अजहर का अपना हैदराबादी लहजा था. सिद्धू को लगता था कि कप्तान अजहर उन्हें अपशब्द कहते हैं. इस नासमझी में नवजोत सिंह सिद्धू एक दिन इतने खफा हो गए कि चुपचाप अपना बोरिया बिस्तर समेटा और दौरे के बीच में ही बिना किसी को कुछ कहे वापस आ गए.

उस सिद्ध और आज के सिद्धू में जमीन आसमान का अंतर है. हालांकि ये कहना चाहिए कि भारतीय क्रिकेटरों में जिस एक शख्स ने खुद को 360 डिग्री बदल लिया वो सिद्धू ही हैं. लेकिन बिना समझे रुठने और नाराज होने की उनकी आदत आज भी वैसी ही है कि वो खुद को ही हिट विकेट कर लेते हैं. लेकिन अपने हिट विकेट के बाद भी वो आगे बढ़ते रहे हैं.

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भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन इंग्लैंड दौरे में रोज नवजोत सिंह सिद्धू की कैफीयत पूछा करते थे और सिद्धू को लगता था कि टीम कप्तान उन्हें अपशब्द कह रहे हैं. (Instagram)

तब मीडिया में तूफान आ गया था
खैर उस इंग्लैंड दौरे की, जब उन्हें कप्तान अजहरुद्दीन की बात पर गुस्सा तो आता था लेकिन वो कुछ कह नहीं पाते थे. बस ये लगता था कि कप्तान उनसे कुछ ऐसी बात कह रहे हैं, जो ठीक नहीं है. जब सिद्धू बीच इंग्लैंड दौरे में भारत लौटे तो मीडिया में तूफान ही आ गया. लोगों को लगा कि टीम में भारी कलह हो गई है, इसी वजह से सिद्धू ने इतना बड़ा कदम उठाया है.

बीसीसीआई के पूर्व सचिव ने आटोबायोग्राफी में किया खुलासा
बीसीसीआई के पूर्व सचिन जयवंत लेले ने अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘आई वॉज देयर- मेमॉयर्स ऑफ ए क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर’ में उस घटना को लेकर खुलासा किया. उन्होंने लिखा कि इंग्लैंड दौरे के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू को लगा कि भारत के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन उन्हें बात-बात पर गालियां दे रहे हैं. यह बात उनसे सहन नहीं हुई. वो अचानक से बैग पैक करके बिना किसी को बोले भारत लौट आए.

जांच कमेटी बैठी
सिद्धू के इस तरह से भारत लौटने वाली घटना की तहकीकात करने के लिए बीसीसीआई ने जांच कमेटी बैठाई जिसमें उस समय बीसीसीई के चीफ रहे राज सिंह डूंगरपुर के साथ-साथ सुनील गावस्कर और आईएस बिंद्रा भी थे. जांच कमेटी के सदस्यों ने सिद्धू को इस घटना पर बात करने के लिए मुंबई बुलाया.

सिद्धू ने कहा-मेरी गलती है
मुंबई में जब सिद्धू से इस बारे में पूछा गया तो उन्हें सीधे तौर पर कहा कि मेरी गलती है कि मैं किसी को बताए बिना ही वापस भारत लौट आया था. मैं अपनी गलती मानता हूं. आप मुझे जो सजा देना चाहते हैं दें, मैं इसके लिए तैयार हूं. इस मीटिंग में कुछ भी फैसला नहीं निकल पाया. जयवंत लेले ने अपने ऑटोबायोग्राफी में लिखा कि जब पहली मीटिंग विफल रही तो जांच कमेटी के सदस्य गावस्कर ने कमेटी में किसी पंजाबी क्रिकेटर को शामिल करने की पेशकश की. मोहिंदर अमरनाथ को इसमें शामिल किया गया.

किसी को नहीं मालूम था क्यों नाराज हैं सिद्धू
ऑटोबायोग्राफी ‘आई वॉज देयर- में यह भी लिखा गया है कि इस घटना पर सचिन तेंदुलकर, अजहर और टीम के मैनेजर से भी बात की गई. सभी का एक ही कहना था कि उन्हें पता ही नहीं कि सिद्धू किस बात से नाराज हैं. मोहिंदर अमरनाथ को जांच कमेटी में शामिल करने के बाद सिद्धू को मुंबई बुलाया गया. दूसरी मीटिंग के दौरान भी सिद्धू ने सभी से यही कहा कि उनसे ही गलती हुई है और मुझे सजा दें.

बाद में मोहिंदर अमरनाथ ने समझा पूरा माजरा
हालांकि मीटिंग के दौरान कुछ समय के लिए मोहिंदर अमरनाथ को बातचीत के लिए सिद्धू के साथ अकेले छोड़ा गया. तब सिद्धू ने जो कुछ भी बताया. उसके बाद साफ हो गया कि अजहर अपने हैदराबादी लहजे में उनसे रोज उनका हालचाल ही पूछा करते थे. कुछ गलत नहीं कहते थे. बस हैदराबादी भाषा और लहजा नहीं जानने के कारण सिद्धू को गलतफहमी हो गई.

हैदराबाद लहजा गाली लगती थी सिद्धू को
दरअसल इंग्लैंड दौरे के दौरान अजहर, सिद्धू को हमेशा मां के साथ जोड़कर कुछ शब्द कहते थे जिससे वो नाराज होकर वापस भारत लौट आए. अमरनाथ ने कहा कि सिद्धू, अजहर के द्वारा कहे शब्द को गाली समझ बैठे थे, दरअसरल जो शब्द अजहर कह रहे थे वो हैदराबाद में अपने लोगों के प्रति प्यार जताने के लिए कहा जाता है.

तो सिद्धू कभी ऐसा कदम नहीं उठाते 
तब अमरनाथ आग्रह पर मामले को वहीं खत्म कर दिया ने जांच कमेटी को बताया कि इस मुद्दे को यही खत्म कर दें, इसमें कुछ ऐसा नहीं है जिसपर सुनवाई हो. हालांकि उस दौरे में सिद्धू ने अगर अपने किसी भी साथी क्रिकेटर से जरा भी इस बारे में बात की होती तो उन्हें ये गलतफहमी ही नहीं होती और ना ही वो इतना बड़ा फैसला लेकर वापस लौट आते.

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