UP Cyber Crime Youth Duping Whole World from these Four Villages of Badaun by Taking Training in Delhi

बरेली, जेएनएन। Cyber Trap in Badaun : साइबर क्राइम का नाम आए और झारखंड के जामताड़ा की बात न हो, यह कैसे मुमकिन है। लेकिन आज सिर्फ जामताड़ा ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के थाना बिसौली के चार गांव भी अब साइबर क्राइम से जोड़कर देखे जाते हैं। पहले हवाला कारोबार के लिए चर्चा में रहे इन गांव के लोगों ने अब साइबर ठगी को ही मुख्य धंधा बना लिया है।बड़ी बात यह है कि युवाओं की नई पौध तेजी से इस काम की ओर बढ़ रही है। दूसरे प्रदेशों और अन्य जिलों से आने वाली पुलिस अब पुराने नहीं नए चेहरों की तलाश में रहती है। दिल्ली, एनसीआर और बड़े शहरों से ट्रेनिंग के बाद इन गांव के लोग साइबर ठगी कर रहे हैं। बीते माह दबतोरी क्षेत्र से सूरत पुलिस ने 68 लाख की ठगी मामले में यहां से एक 22-23 साल के युवक को गिरफ्तार किया था। अब तक साइबर ठगी से जुड़े कुछ नाम ही हैं जो सामने आए हैं, लेकिन अंदरखाने यहां जामताड़ा से बड़ी लाइन खींंची जा रही है।

युवाओं को दिल्ली में दी जाती ट्रेनिंगः जामताड़ा में तो घर-घर आनलाइन और साइबर ठगी की ट्रेनिंग दिए जाने के कई किस्से सामने आए हैं, लेकिन बिसौली के इन चार गांवों के लोगों को ट्रेनिंग दिल्ली में दी जाती है। कुछ दिन पहले सूरत पुलिस ने दबतोरी क्षेत्र के एक युवक को गिरफ्तार किया था। उसका जो साथी दिल्ली में पकड़ा था, उसने कबूला था कि साइबर ठगी सिखाने के लिए पूरा रैकेट सक्रिय है, जो दिल्ली में ट्रेनिंग देते हैं। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ही युवाओं को इस काम में लगा दिया जाता है। हर व्यक्ति को अलग अलग काम दिया जाता है। जिसकी ट्रेनिंग भी अलग होती है। कोई खाते खुलवाता है तो कोई डेटा एकत्र करता है। वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो फोन पर बात कर शिकार ढूंढते व बनाते हैं।

हर फन में माहिर हैं ठगः बिसौली क्षेत्र के एक युवक ने बताया कि संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, पपगवां और दबतोरी के लड़के बहुत शातिर और हर फन में माहिर हैं। इन गांवों के लड़के अधिकतर अलग थलग घूमते मिलेंगे। यह कब अपना काम कर दें इसका अहसास भी किसी को नहीं होता है। बताते हैं कि महंगे मोबइलाें और लग्जरी गाड़ियों व महंगी बाइकों से चलने वाले युवा न काेई नौकरी करते हैं न कोई व्यापार। परिवारों की भी आर्थिक स्थिति कुछ दिन पहले तक कुछ खास नहीं थी, लेकिन अब इसमें काफी बदलाव हुआ है।

कोलकाता पुलिस ने चिपकाए थे नोटिसः दबतोरी क्षेत्र के लोगों ने बताया कि दो साल पहले कोलकाता पुलिस के साथ सीबीआई आई थी। उस समय यहां के लड़कों ने 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। एक चैक के माध्यम से 50 लाख रुपये निकाले गए थे। यहां पुलिस को आरोपित नहीं मिले थे तो पुलिस व सीबीआई के अधिकारियों ने यहां करीब दाे दर्जन घरों में नोटिस चस्पा भी करा दिए थे।

महाराष्ट्र पुलिस ने भेजे थे वारंटः वर्ष 2018 में महाराष्ट्र पुलिस ने बिसौली पुलिस को संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर समेत अन्य गांव के कई लोगों के नाम से वारंट भेजे थे। लेकिन बिसौली पुलिस को यह वारंटी नहीं मिले थे। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने खुद भी दबिश दी, लेकिन आरोपित फरार हो गए थे। एसएसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि बिसौली क्षेत्र के इन गांवों के बारे में जानकारी कर रहा हूं। टीमों को सक्रिय किया गया है।