Worldwide, the business of plant milk was Rs 1.48 lakh crore 3 October 2021 | दुनियाभर में पौधों के दूध का कारोबार 1.48 लाख करोड़ रुपए का हुआ

5 घंटे पहले

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  • मीट और दूध के लिए अब पशुओं के बिना भी काम चल सकता है, तकनीक से बेहतर प्रोडक्ट

अमेरिका और यूरोप के कई रेस्तराओं में बर्गर, हॉट डॉग, सासेज सहित कई किस्म के फास्ट फूड अब पूरी तरह शाकाहारी चीजों से बनने लगे हैं। अब ये प्रोडक्ट लेबोरेटरी में नहीं बल्कि फास्ट फूड कंपनियों में तैयार होते हैं। ये गाय,भैंस जैसे मवेशियों के मांस की बजाय पौधों से बनते हैं। मसलन, चिकन जैसा लगने वाला सफेद मीट मटर से बनता है। सोया और अन्य पौधों से निर्मित दूध अब तक शाकाहारी लोग और लेक्टोस से एलर्जी रखने वाले लोगों तक सीमित थे। लेकिन,इनका बाजार तेजी से बढ़ रहा है। यह दूध दुनियाभर में कॉफी शॉप और किराना दुकानों पर उपलब्ध है। विश्व में पौधों से बने दूध का कारोबार 1.48 लाख करोड़ रुपए हो गया है। 2020 में अमेरिका के दूध बाजार में पौधों से बने दूध का हिस्सा 15% हो गया था।

मांस का शाकाहारी विकल्प पेश करने वाली कंपनियों का कारोबार तेजी से बढ़ा है। 2009 में शुरुआत करने वाली एथन ब्राउन की कंपनी बियोंड मीट अब 80 से अधिक देशों में अपने प्रोडक्ट बेचती है। 2020 में उसका कारोबार 40.68 करोड़ डालर था। यह पिछले साल के मुकाबले 36% अधिक है। 2019 में शेयर मार्केट में आई कंपनी का मूल्य लगभग 50 हजार करोड़ रुपए हो गया है। पौधों से बने मीट के बाजार में बियोंड की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी इंपॉसिबल फूड्स है। अमेरिका, कनाडा और आस्ट्रेलिया में उसका साम्राज्य फैला है। बियोंड ने मेकडॉनल्ड और पिज्जा हट जैसी लोकप्रिय फास्ट फूड चेन पर अधिक ध्यान दिया है। दोनों कंपनियों के शाकाहारी प्रोडक्ट अमेरिका के सुपरमार्केट में मिल जाएंगे। शाकाहारी मीट की सफलता को देखकर मीट प्रोडक्ट बनाने वाली प्रमुख कंपनियों कारगिल, जेबीएस और टायसन फूड्स ने अपने शाकाहारी प्रोडक्ट शुरू कर दिए हैं। डेनोन और छोबानी कंपनियां पौधों पर आधारित दूध बनाने लगी हैं।

इनमें गाय के दूध से अधिक फाइबर होता है। बियोंड मीट के वैज्ञानिकों ने शाकाहारी मीट बनाने में हेनरी फोर्ड के तरीके को अपनाया है। उन्होंने किसी पशु के मांस को देखकर उसके घटकों के स्थान पर पौधों से निकाले गए तत्व डाले हैं। सबसे पहले मटर और सोयाबीन से प्रोटीन निकालकर उसे आलू के स्टार्च और नारियल तेल जैसे फैट से मिलाते हैं। नमक और अन्य फ्लेवर मिलाकर उसका स्वाद मीट जैसा बनाते हैं।

1500 साल पुराना है शाकाहारी मीट
पौधों की चीजों से मीट और दूध बनाना ना ही नया और ना पेचीदा मामला है। यह मुख्य रूप से पौधों और जानवरों के बुनियादी तत्वों जैसे प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट्स को नए सिरे से मिलाने की प्रक्रिया है। एशिया में बौद्ध 1500 साल से अधिक समय से विभिन्न घटकों को मिलाकर नकली मीट बनाते हैं। चीन में कई शताब्दियों से सोयाबीन का दूध बनता है। कार निर्माता हेनरी फोर्ड ने लिखा था कि गाय जिस अनाज को खाती है,उसे मिलाकर प्राकृतिक दूध से बेहतर दूध बनाना संभव है। उनके सुझाव पर अमल हो रहा है।

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